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हिंद-प्रशांत पर हमारी सोच आपसी सहयोग और समन्वय पर आधारित : भारत
Fri, 11 Dec 2020 01:35 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 11 Dec 2020 01:35 AM IST
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि हिंद-प्रशांत पर हमारी सोच आपसी सहयोग और समन्वय पर आधारित है। भारत ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समावेशी और खुलेपन का पक्ष लेते हुए कहा कि बातचीत के माध्यम से विवादों का शांतिपूर्ण हल और वैश्विक कानून का पालन सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को देखते हुए किया जाना चाहिए।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा, विवादों का शांतिपूर्ण हल निकालना जरूरी
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी सचिव और कानूनी सलाहकार येदला उमाशंकर ने कहा कि हिंद-प्रशांत की अवधारणा में इस क्षेत्र के भीतर आवाजाही की स्वतंत्रता के अधिकार का सम्मान किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय समुद्र सीमा सभी के लिए है और इस पर किसी भी देश विशेष का कब्जा नहीं हो सकता। यह आसियान-केंद्रीयता के सिद्धांत पर आधारित है।
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उमाशंकर ने कहा, भारत का दृष्टिकोण सहयोग व समन्वय पर आधारित है जिसे क्षेत्र में साझा चुनौतियों के लिए साझा प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में समुद्र और इसके कानून विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम अपने समुद्रों को विवाद के क्षेत्र में बदलने की अनुमति नहीं दे सकते। शांति, स्थिरता, समृद्धि और विकास के लिए समुद्री मार्गों का खुला और सुरक्षित रहना जरूरी है।
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चीन की पैंतरेबाजी से निपटना जरूरी
भारत-अमेरिका समेत अन्य वैश्विक ताकतें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती पैंतरेबाजी को देखते हुए यहां एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इलाके की जरूरत पर चर्चा कर रहे हैं। वे मानते हैं कि चीनी पैंतरेबाजी से निपटना जरूरी है। जबकि चीन दक्षिण सागर के लगभग सभी विवादित द्वीपों पर अपना दावा जता रहा है। इन द्वीपों के कुछ हिस्सों पर ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलयेशिया और वियतनाम भी दावा पेश करते हैं।
भारत व न्यू मेक्सिको में द्विपक्षीय सहयोग की अच्छी उम्मीद : संधू
अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा है कि अमेरिका में न्यू मैक्सिको राज्य के साथ द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की जबरदस्त गुंजाइश है, खासकर स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा अनुसंधान, आईटी और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में। उन्होंने फार्मा, हैल्थकेयर, टेक और शिक्षा के क्षेत्र में न्यू मेक्सिको के साथ साझेदारी के अवसरों पर एक वेबिनार के दौरान चर्चा की।