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India Population: 2060 के दशक में चरम पर होगी भारत की जनसंख्या, संयुक्त राष्ट्र ने बताया- कब आएगी गिरावट
Fri, 12 Jul 2024 03:40 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 12 Jul 2024 03:40 PM IST
सार
2080 के दशक के मध्य में लगभग 10.3 अरब लोगों के दुनिया की कुल जनसंख्या शिखर पर पहुंच जाएगी। अभी दुनिया की कुल जनसंख्या 8.2 अरब है।
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भारत की जनसंख्या (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की जनसंख्या 2060 के दशक तक चरम पर पहुंचकर 1.7 अरब हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गाय है कि 2060 के दशक के बाद भारत की जनसंख्या में 12 प्रतिशत की दर से गिरावट आएगी। हालांकि इसके बावजूद इस सदी में भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को विश्व जनसंख्या संभावना 2024 जारी की। जिसमें कहा गया है कि आने वाले 50-60 वर्षों में दुनिया की जनसंख्या में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।
2080 में दुनिया की आबादी होगी 10 अरब से ज्यादा
2080 के दशक के मध्य में लगभग 10.3 अरब लोगों के दुनिया की कुल जनसंख्या शिखर पर पहुंच जाएगी। अभी दुनिया की कुल जनसंख्या 8.2 अरब है। चरम पर पहुंचने के बाद वैश्विक जनसंख्या में धीरे-धीरे गिरावट आने का अनुमान है, जो सदी के अंत तक घटकर 10.2 अरब हो जाएगी। पिछले साल चीन को पीछे छोड़कर भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बना था और साल 2100 तक भारत इस स्थान पर बना रहेगा।
संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (डीईएसए) के जनसंख्या विभाग द्वारा प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत की जनसंख्या, जिसके इस पूरी सदी दुनिया में सबसे अधिक रहने की उम्मीद है, 2060 के दशक की शुरुआत में अपने चरम पर पहुंचने के बाद 12 प्रतिशत की दर से कम होगी।' रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत की जनसंख्या 1.45 अरब होने का अनुमान है और यह 2054 में 1.69 अरब तक पहुंच जाएगी। इसके बाद, 2100 में सदी के अंत तक भारत की जनसंख्या घटकर 1.5 बिलियन होने का अनुमान है।
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चीन की आबादी में आएगी तेज गिरावट
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की जनसंख्या, जो वर्तमान में 2024 में 1.41 अरब है, वह 2054 में घटकर 1.21 अरब हो जाएगी और 2100 तक और घटकर 63.3 करोड़ हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, चीन की आबादी में 2024 से 2054 के बीच सबसे बड़ी गिरावट आएगी। इस दौरान चीन की आबादी में 20.4 करोड़ की कमी आएगी। चीन के बाद जापान का नंबर आता है और वहां की आबादी में 2.1 करोड़ और रूस की आबादी में एक करोड़ लोग कम हो जाएंगे। रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि इस सदी के अंत तक चीन की आबादी में 78 करोड़ की कमी आ सकती है और मौजूदा आबादी की तुलना में चीन की आबादी इस सदी के अंत में आधी रह जाएगी।
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2080 में दुनिया की आबादी होगी 10 अरब से ज्यादा
2080 के दशक के मध्य में लगभग 10.3 अरब लोगों के दुनिया की कुल जनसंख्या शिखर पर पहुंच जाएगी। अभी दुनिया की कुल जनसंख्या 8.2 अरब है। चरम पर पहुंचने के बाद वैश्विक जनसंख्या में धीरे-धीरे गिरावट आने का अनुमान है, जो सदी के अंत तक घटकर 10.2 अरब हो जाएगी। पिछले साल चीन को पीछे छोड़कर भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बना था और साल 2100 तक भारत इस स्थान पर बना रहेगा।
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संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (डीईएसए) के जनसंख्या विभाग द्वारा प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत की जनसंख्या, जिसके इस पूरी सदी दुनिया में सबसे अधिक रहने की उम्मीद है, 2060 के दशक की शुरुआत में अपने चरम पर पहुंचने के बाद 12 प्रतिशत की दर से कम होगी।' रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत की जनसंख्या 1.45 अरब होने का अनुमान है और यह 2054 में 1.69 अरब तक पहुंच जाएगी। इसके बाद, 2100 में सदी के अंत तक भारत की जनसंख्या घटकर 1.5 बिलियन होने का अनुमान है।
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चीन की आबादी में आएगी तेज गिरावट
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की जनसंख्या, जो वर्तमान में 2024 में 1.41 अरब है, वह 2054 में घटकर 1.21 अरब हो जाएगी और 2100 तक और घटकर 63.3 करोड़ हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, चीन की आबादी में 2024 से 2054 के बीच सबसे बड़ी गिरावट आएगी। इस दौरान चीन की आबादी में 20.4 करोड़ की कमी आएगी। चीन के बाद जापान का नंबर आता है और वहां की आबादी में 2.1 करोड़ और रूस की आबादी में एक करोड़ लोग कम हो जाएंगे। रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि इस सदी के अंत तक चीन की आबादी में 78 करोड़ की कमी आ सकती है और मौजूदा आबादी की तुलना में चीन की आबादी इस सदी के अंत में आधी रह जाएगी।