UNSC: यूएनएससी में भारत ने उत्तर कोरिया के आईसीबीएम प्रक्षेपण की निंदा की, शांति और सुरक्षा के लिए बताया खतरा
रुचिरा कंबोज ने कहा कि डीपीआरके की ओर से किया गया यह प्रक्षेपण सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं। वे क्षेत्र और उससे आगे की शांति और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सोमवार को भारत ने उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में की गई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) प्रक्षेपण की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने यूएनएससी में कहा कि भारत डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) द्वारा हाल ही में की गई आईसीबीएम प्रक्षेपण (ICBM launch) की निंदा करता है। यह पिछले महीने उत्तर कोरिया द्वारा किए गए अन्य बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों का अनुसरण करता है, जिसके बाद सुरक्षा परिषद की बैठक हुई थी।
रुचिरा कंबोज ने कहा कि डीपीआरके की ओर से किया गया यह प्रक्षेपण सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं। वे क्षेत्र और उससे आगे की शांति और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। भारत डीपीआरके से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक संबंधों के पूर्ण कार्यान्वयन का आह्वान करता है। उन्होंने कहा कि हम डीपीआरके से संबंधित परमाणु और मिसाइल प्रौद्योगिकियों के प्रसार पर ध्यान देने के महत्व को एक बार फिर दोहराते हैं। परमाणु और मिसाइल प्रौद्योगिकियों का प्रसार चिंता का विषय है, उनका भारत सहित अन्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
कंबोज ने आगे कहा कि हम कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा की दिशा में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए अपने निरंतर समर्थन को भी दोहराते हैं। कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारे सामूहिक हित में है, आगे भी हम इन मुद्दों को हल करने के साधन के रूप में बातचीत और कूटनीति का समर्थन करना जारी रखेंगे।