एलान: संयुक्त राष्ट्र में राजदूत तिरुमूर्ति बोले- दुनियाभर में आतंकी गतिविधियों के सबूत दिखाने में भारत नहीं रहता पीछे
भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि तीन प्रमुख क्षेत्र हैं जिन पर इसी महीने ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसमें समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद का मामला शामिल है।बताते चलें कि इस महीने यूएनएससी की अध्यक्षता भारत कर रहा है। तिरुमूर्ति ने बताया कि वो अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करके बहुत खुश है ।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा भारत दुनिया भर में आतंकवादी गतिविधियों को उजागर करने और उसके सबूत दिखाने में कभी पीछे नहीं रहा है, लेकिन अफ्रीका में ये बढ़ रहा है। तिरुमूर्ति ने कहा कि हम आइएसआइएल (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवेंट) पर सेक्रेटरी जनरल की रिपोर्ट पर बहस करने की उम्मीद करते हैं और इस मामले पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि तीन प्रमुख क्षेत्र हैं जिन पर इसी महीने ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसमें समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद का मामला शामिल है। साथ ही कहा कि हम अपनी अध्यक्षता के दौरान तीन हस्ताक्षर कार्यक्रमों के माध्यम से इन पर ध्यान केंद्रित करेंगे। हमारी विदेश नीति में समुद्री सुरक्षा को बहुत ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्राथमिकता विशेष रूप से यूएनएससी में उन मुद्दों पर बहुत स्पष्ट रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए सीधे प्रासंगिक हैं।
We've never failed to highlight manifestations of terrorist activities across the world,especially now,for example,in Africa where it's increasing. We hope to discuss Secy Gen's report on ISIL (Islamic State of Iraq&Levant)&keep spotlight on this matter: Ambassador of India to UN pic.twitter.com/u6FxjURhFB
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 2, 2021
सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा भारत
बताते चलें कि इस महीने यूएनएससी की अध्यक्षता भारत कर रहा है। तिरुमूर्ति ने बताया कि वो अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करके बहुत खुश है। उन्होंने कहा कि ये हमारा 8वां कार्यकाल है। ये कार्यकाल हमें अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियों को आकार देने में एक अहम भूमिका निभाने का मौका दे रहा है। हम एक गंभीर और जिम्मेदार आवाज रहे हैं और विशेष रूप से जब परिषद (यूएनएससी) ध्रुवीकृत है, तब भी हम अलग-अलग विचारों को पाटते रहे हैं।