फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India nepal latest update, Nepal Armed Police, APF releases Indian businessman after diplomatic pressure

India Nepal latest update: राजनयिक दबाव के बाद नेपाल सशस्त्र पुलिस ने रिहा किया भारतीय व्यापारी

Sun, 14 Jun 2020 04:21 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 14 Jun 2020 04:21 AM IST
विज्ञापन
India nepal latest update, Nepal Armed Police, APF releases Indian businessman after diplomatic pressure
व्यापारी राम लगन - फोटो : ANI

नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) ने सीमा पर झड़प के दौरान हिरासत में लिए गए भारतीय व्यापारी लगन किशोर यादव को भारत की तरफ से राजनयिक दबाव बनाने के बाद शनिवार को रिहा कर दिया। शुक्रवार की इस घटना में एपीएफ के जवानों की गोली से मारे गए 27 वर्षीय भारतीय व्यापारी विकेश कुमार राय का शव भी नेपाली अधिकारियों ने वापस लौटा दिया है।

विज्ञापन


नेपाल के अंग्रेजी दैनिकों माई रिपब्लिका और द हिमालयन टाइम्स ने एपीएफ अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि उनके जवानों ने भारतीय नागरिकों के नेपाली सीमा में घुसकर हथियार छीनने की कोशिश करने के बाद आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। इस घटना के चलते बिहार के सीतामढ़ी जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा पर तनाव बना हुआ है।
विज्ञापन


नेपाल के सरलाही जिले में भारतीय सीमा से सटे नारायणपुर इलाके के पर्सा गांव में शुक्रवार को एपीएफ ने प्रदर्शन कर रहे भारतीय नागरिकों की भीड़ पर सीधी फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में विकेश की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे। एपीएफ ने 45 वर्षीय लगन किशोर को हिरासत में ले लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


माई रिपब्लिका की रिपोर्ट के मुताबिक, एपीएफ ने शनिवार को नारायरणपुर सीमा प्वाइंट पर नो मैंस लैंड में लगन किशोर को भारतीय सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया। नेपाल के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर मोहन बहादुर के हवाले से ये जानकारी देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि लगन किशोर की रिहाई के लिए शनिवार सुबह स्थानीय सरकार, नेपाली सेना और भारतीय सुरक्षा बलों के बीच समझौता किया गया।

इस दौरान कुछ स्थानीय और सरकार के स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे पहले शुक्रवार की घटना के बाद भारत और नेपाल के सुरक्षा बलों ने सीमा पर रात में सुरक्षा मजबूत कर दी थी। द हिमालयन टाइम्स के अनुसार, एसपी गंगाराम श्रेष्ठ ने बताया कि नेपाल मे स्मगलिंग के माध्यम से सामान भेजने का प्रयास कर रहे कुछ  व्यवसायियों को रोकने पर एपीएफ के 9 जवानों पर हमला किया गया था।

सामान भेजने का प्रयास सफल न होने पर भारतीय सीमा क्षेत्र के सांवरा गांव जाकर एक व्यापारी ने 100 से अधिक लोगों के साथ वापस नेपाल आकर सशस्त्र पुलिस के जवानों पर ईट-पत्थरों से यह हमला कराया था। एपीएफ के जवानों ने हवा में 10 राउंड फायर करने के बावजूद भीड़ नियंत्रण में नहीं आने के बाद आत्मरक्षा में 15 राउंड फायर किए।

इस घटना मे 2 भारतीय को गोली लगी, जबकि एपीएफ के हेड कांस्टेबल संजय राय, कांस्टेबल भूपेंद्र पटेल और रवीन बैठा भी घायल हुए हैं। एपीएफ के अपर पुलिस महानिरीक्षक नारायण बाबू थापा ने भी घटना को नो मैंस लैंड से नेपाली सीमा में करीब 75 मीटर अंदर घटित होने का दावा करते हुए हथियार छीनने के प्रयास के बाद एपीएफ जवानों के फायरिंग करने का दावा किया है।
 

भारतीय एसएसबी ने कहा, प्रदर्शन कर रहे थे भारतीय नागरिक

नेपाली एपीएफ के दावों के उलट भारतीय सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक कुमार राजेश चंद्रा ने यह तो माना कि शुक्रवार सुबह करीब 8.40 बजे हुई घटना नेपाली सीमा के बेहद अंदर हुई है। लेकिन उन्होंने स्थानीय लोगों से मिली प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर कहा कि भारतीय नागरिक मौके पर महज प्रदर्शन कर रहे थे। वे लोग एपीएफ के जवानों द्वारा क्षेत्र में 14 जून तक लॉकडाउन होने के चलते भारतीयों की मौजूदगी पर आपत्ति जताने का विरोध कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सीमा पर किसी तारबंदी के नहीं होने से दोनाें तरफ मौजूद गांवों की आपस में रिश्तेदारियां हैं और लोग बेरोकटोक अपने परिजनों से मिलने के लिए आवाजाही करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि एपीएफ के आपत्ति जताने पर भारतीय ग्रामीणों की उनसे तीखी नोकझोंक हुई, इसके बाद ही भारतीय नागरिकों की तरफ से पथराव किया गया था। बता दें कि एसएसबी के जवान ही भारत-नेपाल के बीच 1751 किलोमीटर लंबी सीमा की देखरेख करते हैं।

हिरासत से लौटे लगन ने कहा, बटों से पीटा गया मुझे

एपीएफ की हिरासत से रिहाई के बाद बिहार के सीतामढ़ी लौटे व्यापारी लगन किशोर ने आरोप लगाया है कि एपीएफ के जवान व्यापारियों पर फायरिंग करने के बाद उसे भारतीय सीमा के अंदर से दबोचकर अकारण अपनी सीमा में ले गए थे और वहां राइफलों की बट से बुरी तरह उसकी पिटाई करने के बाद संग्रामपुर ले जाकर बंद कर दिया।

लगन ने आरोप लगाया कि एपीएफ के जवान उससे जबरन यह कबूलवाना चाहते थे कि मुझे नेपाल के अंदर से हिरासत में लिया गया है। लगन ने कहा कि मैं,मेरा बेटा और मेरी बहू (नेपाली नागरिक) से मिलने गए थे। वहां एपीएफ के जवानों ने हम पर हमला कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed