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भारत ने यूएनजीए में पाक को लताड़ा, अयोध्या फैसले पर प्रोपेगैंडा को किया खारिज
Fri, 29 Nov 2019 09:47 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 29 Nov 2019 09:47 AM IST
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भारतीय राजनयिक विमर्श आर्यन
- फोटो : ANI
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उच्चतम न्यायालय के अयोध्या भूमि विवाद पर दिए फैसले को लेकर गलत प्रोपेगैंडा फैलाने पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनजीए) में पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। गुरुवार को अल्पसंख्यक मामले के फोरम के 12वें सत्र में भारतीय राजनयिक विमर्श आर्यन ने कहा कि पाकिस्तान में ईशनिंदा के नाम पर धार्मिक-भाषाई अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जाता है।
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नौ दिसंबर को न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने 134 साल पुराने अयोध्या मामले पर फैसला सुनाया था। जिसमें 2.77 एकड़ की विवादित भूमि को राम मंदिर बनाने के लिए दे दिया गया था। इसके अलावा सरकार को निर्देश दिया था कि वह मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन दे।
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राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए आर्यन ने कहा, 'भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है। जहां स्वतंत्र और प्रभावी संवैधानिक प्रक्रिया है। यहां हर नागरिक के हितों की रक्षा की जाती है जिसमें धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए पूरी स्वतंत्रता शामिल है। हम अपने न्यायिक निर्णयों पर पाकिस्तान की टिप्पणी को दृढ़ता से अस्वीकार करते हैं। वह यूएन के फोरम का गलत इस्तेमाल कर रहा है।'
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उन्होंने कहा, 'दुनिया इस बात को अच्छी तरह से जानती है कि पाकिस्तान में तथाकथित ईशनिंदा कानून के कारण धार्मिक, नस्लीय, जातीय, सांप्रदायिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। इसी वजह से दुनिया अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए किसी ऐसे देश से सीख नहीं लेना चाहती, जहां लोगों ने कभी वास्तविक लोकतंत्र न देखा हो।'
भारतीय राजनयिक ने कहा, 'यह फोरम अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए है। लेकिन उस उद्देश्य का पालन करने के बजाय पाकिस्तान अपने प्रोपेगैंडा का प्रचार प्रसार कर रहा है, जो उसके बयान में स्पष्ट है। यह केवल गलत बयानबाजी है और कुछ नहीं।'