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दशकों से चल रहे सीरियाई संघर्ष का व्यापक और शांतिपूर्ण समाधान निकलने की उम्मीद : भारत
Sat, 05 Sep 2020 06:54 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 05 Sep 2020 06:54 AM IST
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वी मुरलीधरन
- फोटो : ani
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भारत ने सीरिया से कहा है कि उसे उम्मीद है कि दशकों से उसके यहां चल रहे संघर्ष का सीरिया के नेतृत्व और सीरिया के स्वामित्व वाली बातचीत के जरिए व्यापक और शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा और इसमें सभी पक्ष शामिल होंगे।
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विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने सीरिया के विदेश मामलों के उपमंत्री फैसल मेकदाद के साथ बातचीत में यह आशा जताई। दोनों नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वार्ता की।
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विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बृहस्पतिवार को हुई वर्चुअल बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा और आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा बनाने का अवसर मुहैया कराया।
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मुरलीधरन ने मेकदाद से बातचीत के दौरान कहा कि सीरियाई संघर्ष का हल देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता तथा एकता बनाए रखते हुए लोगों की वैध आकांक्षाओं के अनुरूप होगा। पिछले नौ सालों से चल रहे संघर्ष में हजारों लोग मारे जा चुके हैं।
सीरियाई मंत्री ने कोरोना महामारी से जंग में मदद के लिए भारत द्वारा जुलाई 2020 में दी गई 10 मीट्रिक टन दवा और सीरियाई छात्रों को स्कॉलरशिप मुहैया कराने के लिए धन्यवाद दिया।
साथ ही मंत्रालय ने बयान में कहा कि जयपुर की भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की साझेदारी से इस साल जनवरी में दमिश्क में विदेश मंत्रालय ने कृत्रिम अंग लगाने के लिए कैंप का आयोजन किया था और इसमें 483 सीरियाई नागरिकों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए।
2011 में संघर्ष की शुरुआत के बाद से भारत ने सीरिया की मानवीय सहायता के तौर पर 87,76,27,200 (12 मिलियन डॉलर) रुपये प्रदान किए। साथ ही भारत ने एक बायोटेक पार्क और आईटी सेंटर भी स्थापित किया। इसके अलावा स्टील और ऊर्जा सेक्टरों के प्रोजेक्ट के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट के तौर पर 1938.15 करोड़ रुपये दिए।