India Greets Ukraine: भारत ने यूक्रेन को 31वें स्वतंत्रता दिवस पर दी बधाई, कीव पहुंचे बोरिस जॉनसन
एस जयशंकर ने अपने यूक्रेनी समकक्ष दिमित्रो कुलेबा को बधाई दी और कहा कि भारत यूक्रेन के साथ अपने व्यापक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है। यूक्रेन आज स्वतंत्रता की 31वीं वर्षगांठ मना रहा है।
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भारत ने बुधवार को यूक्रेन को उसके स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी और युद्धग्रस्त पूर्वी यूरोपीय राष्ट्र के लोगों के लिए शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यूक्रेन ने बुधवार को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया जो 24 फरवरी को देश के खिलाफ रूस के सैन्य हमले की शुरुआत के ठीक छह महीने बाद भी मनाया गया। यूक्रेन में भारत के दूतावास ने ट्वीट किया- यूक्रेन की स्वतंत्रता की 31वीं वर्षगांठ के अवसर पर यूक्रेन में भारत का दूतावास यूक्रेन के लोगों के उज्ज्वल भविष्य शांति, समृद्धि की कामना करता है। इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आज राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ मध्य कीव में दिखाई दिए।
जयशंकर ने ट्वीट कर बधाई दी
विदेश मंत्री एस जयशंकर, जो वर्तमान में ब्राजील, पराग्वे और अर्जेंटीना की छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर लैटिन अमेरिका में हैं, उन्होंने अपने यूक्रेनी समकक्ष दिमित्रो कुलेबा को बधाई दी और कहा कि भारत यूक्रेन के साथ अपने व्यापक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है। जयशंकर ने ट्वीट किया, वित्त मंत्री @DmytroKuleba और यूक्रेन के लोगों को उनके स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बधाई। हम व्यापक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध हैं जिसमें कई आयाम शामिल हैं।
अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने इस हमले के बाद रूस पर बड़े आर्थिक और अन्य प्रतिबंध लगाए हैं। भारत ने यूक्रेन के खिलाफ उसकी आक्रामकता के लिए अब तक रूस की आलोचना नहीं की है। भारत ने बार-बार रूसी और यूक्रेनी पक्षों से कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया है, और दोनों देशों के बीच संघर्ष को समाप्त करने के सभी राजनयिक प्रयासों के लिए अपना समर्थन भी जताया है।
रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार नहीं कर रही भारतीय कंपनियां
वहीं बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस पर अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली भारतीय कंपनियों का कोई सबूत नहीं है। अमेरिकी ट्रेजरी के उप सचिव वैली अडेयमो ने आईआईटी-बॉम्बे की यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा कि मैंने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली भारतीय कंपनियों के कोई सबूत नहीं देखे हैं। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया भर की कंपनियां प्रतिबंधों को गंभीरता से ले रही हैं और उन्हें लागू भी कर रही हैं।
यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के कुछ दिनों बाद आई है जिनमें आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा के हवाले से कहा गया था कि अमेरिका इस बात से चिंतित है कि उसके द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन का निर्यात करने के लिए भारत का इस्तेमाल किया जा रहा है। पात्रा के अनुसार, रूसी कच्चे तेल का स्थानांतरण ऊंचे समुद्रों पर हो रहा है और जहाज गुजरात के एक बंदरगाह पर आते हैं, जहां तेल को परिष्कृत किया जाता है और अमेरिका में ही न्यूयॉर्क भेज दिया जाता है। बुधवार को अपनी तीन दिवसीय यात्रा शुरू करने वाले अडेमो ने कहा कि वह भारतीय अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत में रूस और यूक्रेन के साथ-साथ द्विपक्षीय विषयों पर चर्चा करेंगे।