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India-Central Asia Dialogue: अफगानिस्तान को मानवीय सहायता दी जाए, भारत सहित इन पांच देशों ने की अपील

Sun, 19 Dec 2021 03:55 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Sun, 19 Dec 2021 03:55 PM IST
सार

पांच मध्य एशियाई देशों में कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की आवश्यकता है।

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India, five Central Asian countries pitch for immediate humanitarian assistance to Afghan people
अफगानिस्तान की हालत खराब, मानवीय सहायता का आह्वान - फोटो : social media

विस्तार

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद यहां कि हालत बद से बदतर हो गई है। आलम यह है कि देश आतंकवाद का गढ़ बन गया। रविवार को नई दिल्ली में आयोजित तीसरे भारत-मध्य एशिया संवाद के दौरान भारत सहित मध्य एशिया के पांच देशों ने अफगानिस्तान को तत्काल प्रभाव से मानवीय सहायता प्रदान करने का आह्वान किया। इन देशों ने एक सुर में कहा कि अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान की जाए। इन देशों ने कहा कि अफगान क्षेत्र का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों को आश्रय देने, प्रशिक्षण देने, योजना बनाने या वित्तपोषण के लिए नहीं किया जाना चाहिए। 

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पांच मध्य एशियाई देशों में कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। संवाद के दौरान इन देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की आवश्यकता है। सबने शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान के लिए अपने मजबूत समर्थन को दोहराया। एक संयुक्त बयान में कहा गया, 'मंत्रियों ने संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान और इसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने पर जोर देते हुए शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान के लिए अपने मजबूत समर्थन को दोहराया।'
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उद्घाटन भाषण में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने  अफगानिस्तान के लोगों की मदद करने के तरीके खोजने पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा, 'हम सभी अफगानिस्तान के साथ ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध साझा करते हैं। उस देश में हमारी चिंताएं और उद्देश्य समान हैं।' जयशंकर ने कहा, 'हमारी आज की बैठक तेजी से बदलती वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक स्थिति के बीच हो रही है। कोरोना महामारी ने वैश्विक स्वास्थ्य और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी झटका दिया है।' भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि भारत मध्य एशिया के साथ अपने संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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भारत और मध्य एशिया के बीच पहुंच के लिहाज से वार्ता अहम
ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन ने कहा कि वार्ता में शामिल देशों के बीच एक जैसे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भाषाई जड़ें हैं और आज की वार्ता इस क्षेत्र में आपसी पहुंच बढ़ाने तथा व्यापार को बढ़ावा देने के लिहाज से अहम है। साथ ही इससे भारत और मध्य एशिया के देशों के लोगों के बीच करीबी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

भारत, मध्य एशिया के देशों रणनीतिक सहयोगी
किर्गिज विदेश मंत्री रसलान कजाकबाएव ने कहा है कि भारत मध्य एशिया के सभी देशों का रणनीतिक सहयोगी है। उन्होंने कहा, मुझे इस बात की खुशी है कि भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं। हम इस क्षेत्र को और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अफगानिस्तान में आपसी सहयोग से काम करना जरूरी
वार्ता को संबोधित करते हुए उज्बेक विदेश मंत्री अब्दुलअजीज कामिलोव ने कहा कि अफगानिस्तान में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं और ये जरूरी है कि इस युद्धग्रस्त क्षेत्र के लिए आपसी सहयोग और एकजुट तरीके से काम किया जाए।

सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भी उठा
तीसरी भारत-मध्य एशिया वार्ता में बिना पाकिस्तान का नाम लिए इस बात पर भी जोर दिया गया कि आतंकी समूहों को सुरक्षित शरणस्थली देना, अपनी जमीन का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए करना, आतंकियों को वित्तीय मदद पहुंचाना और उदारवादी विचार को चोट पहुंचाना, मानवता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मौलिक सिद्धांतों के विपरीत है।

आतंकियों के मददगारों की जिम्मेदारी तय हो
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि सभी मंत्री इस बात पर एकमत थे कि आतंकी घटनाओं के साजिशकर्ता, संगठन, वित्तीय मददगार तथा अन्य सहयोग देने वालों की पूरी जिम्मेदारी तय कर उन्हें या तो प्रत्यर्पित कर या अभियोजन चलाकर सजा दी जानी चाहिए। बयान में एक शांत, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान पर जोर देने के साथ-साथ ये भी कहा गया है कि ऐसा करते समय उसकी स्वायत्ता, एकता, क्षेत्रीय अखंडता का आदर किया जाना चाहिए और उसके आंतरिक मामलों में किसी का दखल नहीं होना चाहिए। वर्तमान हालात की समीक्षा करते हुए मंत्रियों ने अफगान लोगों को मदद जारी रखने और इसके लिए आपस में करीबी संपर्क बनाए रखने का फैसला किया।

संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर भी चर्चा
अफगानिस्तान में तत्काल मानवीय सहायता पहुंचाने के बारे में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की चर्चा करते हुए महिलाओं, बच्चों तथा अन्य धर्मावलंबियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने की बात कही गई।


वियतनाम के एक संसदीय प्रतिनिधिमंड से मिले राष्ट्रपति कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक संबंध ने कोविड-19 महामारी के कारण व्यवधानों के बावजूद सकारात्मक दिशा बनाए रखी है। वियतनाम के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कोविंद ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा सहयोग क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि में योगदान देगा। वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष वुओंग दिन्ह ह्यू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की।

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