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'बच्चे और सशस्त्र संघर्ष' पर यूएन प्रमुख गुतारेस की रिपोर्ट पर भारत का सख्त विरोध
Sat, 03 Aug 2019 05:06 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 03 Aug 2019 05:06 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस
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संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस की हालिया रिपोर्ट पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि भारत में न तो सशस्त्र संघर्ष की स्थिति है और न ही इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कोई खतरा है। भारत ने कहा कि इस तरह की कोशिश चुनिंदा तरीके से किसी खास एजेंडा को राजनीतिक रंग देती है और असल चुनौतियों से ध्यान भटकाने वाली होती है।
‘बच्चे और सशस्त्र संघर्ष’ के विषय पर मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में गुतारेस ने कहा कि सशस्त्र बलों के बीच हिंसा की घटनाओं खासकर जम्मू कश्मीर में और नक्सली विद्रोह के संदर्भ में बच्चे लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
"स्थितियां जो सुरक्षा परिषद या अन्य स्थितियों के एजेंडा में शामिल नहीं हैं" शीर्षक से जारी रिपोर्ट के एक खंड में भारत का जिक्र है।
'बच्चे और सशस्त्र संघर्ष' विषय पर शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में खुली बहस के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रथम सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को दिये गये जनादेश के विश्वसनीय, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यान्वयन के महत्व को रेखांकित किया।
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उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के स्पष्ट जनादेश के बावजूद हमें निराशा है कि महासचिव की रिपोर्ट में उन स्थितियों का जिक्र है जो न तो सशस्त्र संघर्ष से जुड़ी हैं और न ही ये अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को बनाये रखने में खतरा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिश चुनिंदा तरीके से किसी खास एजेंडा को राजनीतिक रंग देती है और असल चुनौतियों से ध्यान भटकाने वाली होती है।
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‘बच्चे और सशस्त्र संघर्ष’ के विषय पर मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में गुतारेस ने कहा कि सशस्त्र बलों के बीच हिंसा की घटनाओं खासकर जम्मू कश्मीर में और नक्सली विद्रोह के संदर्भ में बच्चे लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
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"स्थितियां जो सुरक्षा परिषद या अन्य स्थितियों के एजेंडा में शामिल नहीं हैं" शीर्षक से जारी रिपोर्ट के एक खंड में भारत का जिक्र है।
'बच्चे और सशस्त्र संघर्ष' विषय पर शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में खुली बहस के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रथम सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को दिये गये जनादेश के विश्वसनीय, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यान्वयन के महत्व को रेखांकित किया।
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उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के स्पष्ट जनादेश के बावजूद हमें निराशा है कि महासचिव की रिपोर्ट में उन स्थितियों का जिक्र है जो न तो सशस्त्र संघर्ष से जुड़ी हैं और न ही ये अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को बनाये रखने में खतरा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिश चुनिंदा तरीके से किसी खास एजेंडा को राजनीतिक रंग देती है और असल चुनौतियों से ध्यान भटकाने वाली होती है।