{"_id":"68ebcd4b17011a058e08d339","slug":"india-eu-conclude-14th-round-of-talks-for-trade-pact-in-brussels-2025-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-EU FTA Talk: एफटीए के लिए भारत और यूरोपीय संघ की 14वीं वार्ता पूरी, इन विवादों को सुलझाने का हुआ प्रयास","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
India-EU FTA Talk: एफटीए के लिए भारत और यूरोपीय संघ की 14वीं वार्ता पूरी, इन विवादों को सुलझाने का हुआ प्रयास
Sun, 12 Oct 2025 09:17 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 12 Oct 2025 09:17 PM IST
सार
India-EU FTA Talk: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने ब्रसेल्स में प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर 14वीं वार्ता पूरी की है, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने दिसंबर तक समझौता पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अगर यह समझौता होता है तो इससे भारत में तैयार सामान यूरोपीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है।
विज्ञापन
भारत और यूरोपीय संघ। (प्रतीकात्मक तस्वीर))
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के वरिष्ठ अधिकारियों ने ब्रसेल्स में प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर 14वीं वार्ता पूरी की है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा, यह पांच दिवसीय वार्ता छह अक्तूबर को शुरू हुई थी, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े विवादों को सुलझाने का प्रयास किया गया है। वार्ता के अंतिम दिनों में भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी शामिल हुए। उन्होंने यूरोपीय आयोग के व्यापार निदेशक सबिन वेयांड से चर्चा की।
ये भी पढ़ें: अमेरिका के दक्षिणी कैरोलिना में बार में गोलीबारी, चार लोगों की मौत, लगभग 20 घायल
विज्ञापन
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोय ने हाल ही में उम्मीद जताई है कि दोनों पक्ष जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। वह जल्द ही ब्रसेल्स की यात्रा कर सकते हैं और ईयू के समकक्ष मरोस सेफकोविक से प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं। दोनों पक्षों ने दिसंबर तक वार्ता को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
2022 में भारत और ईयू ने आठ साल के अंतराल के बाद व्यापक एफटीए, निवेश सुरक्षा समझौता और भौगोलिक संकेत समझौतों पर फिर से वार्ता शुरू की थी। ईयू ऑटोमोबाइल और चिकित्सा उपकरणों पर टैरिफ में भारी कटौती की मांग कर रहा है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ ने वाइन, शराब, मांस जैसे उत्पादों पर शुल्क में कटौती और बौद्धिक संपदा सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था की भी मांग कर रहा है।
ये भी पढ़ें: 'अमेरिका ने 100% टैरिफ लगाया तो उठाएंगे सख्त कदम', चीन ने दुर्लभ खनिज निर्यात पर प्रतिबंध का किया बचाव
अगर यह समझौता हो जाता है, तो भारत में तैयार और निर्मित वस्तुएं, दवाएं, इस्पात, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी यूरोपीय बाजार में अदिक प्रतिस्पर्धी बन सकती हैं। भारत-ईयू व्यापार वार्ता में 23 क्षेत्रों को कवर किया जा रहा है। इनमें वस्तु एवं सेवा व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य व कृषि सुरक्षा उपाय, तनकीकी व्यवधान, नियमों की उत्पत्ति, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा और सतत विकास शामिल हैं।
2024‑25 में भारत का ईयू के साथ द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 136.53 अरब डॉलर रहा, जिसमें निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर था। ईयू बाजार भारत के कुल निर्यात का लगभग 17 फीसदी है, जबकि ईयू का भारत को निर्यात उसके विदेश को निर्यात का नौ फीसदी है। सेवा के क्षेत्र में भारत और ईयू के बीच 2023 में लगभग 51.45 अरब डॉलर व्यापार था।
विज्ञापन
अधिकारी ने कहा, यह पांच दिवसीय वार्ता छह अक्तूबर को शुरू हुई थी, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े विवादों को सुलझाने का प्रयास किया गया है। वार्ता के अंतिम दिनों में भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी शामिल हुए। उन्होंने यूरोपीय आयोग के व्यापार निदेशक सबिन वेयांड से चर्चा की।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: अमेरिका के दक्षिणी कैरोलिना में बार में गोलीबारी, चार लोगों की मौत, लगभग 20 घायल
विज्ञापन
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोय ने हाल ही में उम्मीद जताई है कि दोनों पक्ष जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। वह जल्द ही ब्रसेल्स की यात्रा कर सकते हैं और ईयू के समकक्ष मरोस सेफकोविक से प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं। दोनों पक्षों ने दिसंबर तक वार्ता को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
2022 में भारत और ईयू ने आठ साल के अंतराल के बाद व्यापक एफटीए, निवेश सुरक्षा समझौता और भौगोलिक संकेत समझौतों पर फिर से वार्ता शुरू की थी। ईयू ऑटोमोबाइल और चिकित्सा उपकरणों पर टैरिफ में भारी कटौती की मांग कर रहा है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ ने वाइन, शराब, मांस जैसे उत्पादों पर शुल्क में कटौती और बौद्धिक संपदा सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था की भी मांग कर रहा है।
ये भी पढ़ें: 'अमेरिका ने 100% टैरिफ लगाया तो उठाएंगे सख्त कदम', चीन ने दुर्लभ खनिज निर्यात पर प्रतिबंध का किया बचाव
अगर यह समझौता हो जाता है, तो भारत में तैयार और निर्मित वस्तुएं, दवाएं, इस्पात, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी यूरोपीय बाजार में अदिक प्रतिस्पर्धी बन सकती हैं। भारत-ईयू व्यापार वार्ता में 23 क्षेत्रों को कवर किया जा रहा है। इनमें वस्तु एवं सेवा व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य व कृषि सुरक्षा उपाय, तनकीकी व्यवधान, नियमों की उत्पत्ति, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा और सतत विकास शामिल हैं।
2024‑25 में भारत का ईयू के साथ द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 136.53 अरब डॉलर रहा, जिसमें निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर था। ईयू बाजार भारत के कुल निर्यात का लगभग 17 फीसदी है, जबकि ईयू का भारत को निर्यात उसके विदेश को निर्यात का नौ फीसदी है। सेवा के क्षेत्र में भारत और ईयू के बीच 2023 में लगभग 51.45 अरब डॉलर व्यापार था।