Who is Petal Gahlot: भारत की बेटी ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को किया बेनकाब, जानें कौन है पेटल गहलोत?
Who Is Petal Gahlot: यूएनजीए के 80वें सत्र में पाकिस्तान के झूठे दावों पर करारा प्रहार कर भारत की बेटी पेटल गहलोत सुर्खियों में हैं। 33 वर्षीय पेटल ने न सिर्फ पाक पीएम शहबाज शरीफ को तथ्यों से कटघरे में खड़ा किया, बल्कि अपने आत्मविश्वासी और धारदार भाषण से भारत की सशक्त छवि पेश की। आइए वैश्विक मंच पर निर्भीक अंदाज से भारत का पक्ष रखने वाली पेटल गहलोत के बारे में जानते है।
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वां सत्र के दौरान जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कुछ झूठी दलीलें पेश की, तब भारत की ओर से पाकिस्तान को आईना दिखाने वाली भारत की बेटी पेटल गहलोत सुर्खियों में हैं। कारण है कि यूएन में भारतीय राजनयिक पेटल ने ना सिर्फ पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के झूठे दलीलों को गलत साबित किया, बल्कि अपने तथ्यों और बेबाक अंदाज से नापाक पाकिस्तान को बेनकाब भी किया। आइए जानते हैं कि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को आईना दिखाने वाली पेटल गहलोत कौन हैं?
कैसा रहा पेटल का शैक्षणिक जीवन?
महज 33 साल की उम्र में वैश्विक मंच पर भारत का पक्ष रखने वाली पेटल की बेबाकी की तरह ही उनका जीवन भी प्रेरणादायक रहा है। पेटल का जन्म भारत की राजधानी नई दिल्ली में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने मुंबई के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। लेकिन वे यहीं नहीं रुकीं।
इसके बाद अपने अकादमिक सफर को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वीमेन (एलएसआर) से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया। यह वही दौर था जब वे सिविल सेवा की तैयारी में भी जुटी हुई थीं और आखिरकार वर्ष 2015 में उनका चयन भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के लिए हुआ।
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हर पड़ाव पर निखरा अनुभव, बनीं प्रखर राजनयिक
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में शामिल होने के बाद पेटल गहलोत ने विदेश मंत्रालय में सहायक सचिव के रूप में कार्य करते हुए कूटनीति की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद उनकी नियुक्ति पेरिस स्थित भारतीय दूतावास में तृतीय और फिर द्वितीय सचिव के रूप में हुई, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।
ऐसे में अब पेटल अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में काउंसल के रूप में सेवाएं दे रही हैं। हर नियुक्ति के साथ उनके दृष्टिकोण में परिपक्वता आई और वे एक प्रखर, सशक्त और सजग राजनयिक के रूप में उभरीं।
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गिटार बजाना और गाना गाने भी महारत हासिल
हालांकि भारत की इस बेबाक और निर्भीक बेटी की पहचान सिर्फ एक राजनयिक तक सीमित नहीं है। वे एक बहुत ही संवेदनशील और कलात्मक व्यक्तित्व की भी धनी हैं। गिटार बजाना और गाना गाना उनके शौक ही नहीं, बल्कि उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं।
निर्भीक पेटल ने पाकिस्तान को कैसे दिखाया आईना?
गौरतलब है कि ये पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर भारत के खिलाफ पुराना राग अलापा गया और इस बार संयुक्त राष्ट्र के मंच पर जवाब देने के लिए पेटल गहलोत थीं। उन्होंने अपने भाषण से न केवल पाकिस्तान की दोगली नीति को उजागर किया, बल्कि पूरी दुनिया को यह भी दिखा दिया कि भारत अब चुप रहने वाला नहीं है। इस दौरान पेटल ने पाकिस्तान को उसकी आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीति, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न, और मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसे मुद्दों पर कठघरे में खड़ा कर दिया, जिससे एक बार फिर पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेज्जती का सामना करना पड़ा।