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Gaza: फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए भारत ने जारी की दूसरी किस्त, UNRWA को दिए 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर

Thu, 28 Dec 2023 10:57 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, यरुशलम
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, यरुशलम Published by: आदर्श शर्मा Updated Thu, 28 Dec 2023 10:57 PM IST
सार

भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) को पांच मिलियन अमेरिकी डॉलर की अपनी वार्षिक प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की दूसरी किस्त जारी की हैं। 

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India contribute 2nd tranche of USD 5 million annual contribution to UNRWA for welfare of Palestinian refugee
फलस्तीनी शरणार्थी - फोटो : ANI

विस्तार

सात अक्तूबर को गाजा स्थित आतंकी संगठन हमास द्वारा इस्राइल पर पांच हजार रॉकेट दागे गए थे। इस घटना के बाद से ही हमास और इस्राइल के बीच भीषण युद्ध की शुरुआत हुई। जवाबी कार्रवाई में इस्राइल ने गाजा स्थित आतंकी समूह हमास पर हमला किया। इसी बीच, भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) को पांच मिलियन अमेरिकी डॉलर की अपनी वार्षिक प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की दूसरी किस्त जारी हैं। 
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यूएनआरडब्ल्यूए के जरिए फलस्तीनी शरणार्थियों को राहत 
बता दें यूएनआरडब्ल्यूए, जो 1950 से कार्यरत है। इस संगठन द्वारा पंजीकृत फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए प्रत्यक्ष राहत और कार्य कार्यक्रम चलाता है। इसे लगभग पूरी तरह से संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के स्वैच्छिक योगदान से वित्त पोषित किया जाता है। गौरतलब हैं कि भारत सरकार ने लगभग एक महीने पहले नवंबर में अपनी वार्षिक प्रतिबद्धता की पहली किस्त जारी की थी। योगदान की दूसरी किश्त यूएनआरडब्ल्यूए की एलिजाबेथ रोड्रिग्स द्वारा सौंपी गई थी।
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भारत से मिला उदार योगदार- तमारा
यूएनआरडब्ल्यूए के एक प्रवक्ता तमारा अलरिफाई ने पिछले महीने एक संदेश में बताया था कि यूएनआरडब्ल्यूए को भारत से बहुत उदार योगदान मिला है, जो इस कठिन समय के दौरान और पूरे क्षेत्र में, विशेष रूप से गाजा में भारी जरूरतों को देखते हुए, स्वागतयोग्य हैं। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, फलस्तीनी शरणार्थियों के साथ एकजुटता के प्रतीक के रूप में भारत ने यूएन एजेंसी में अपना वार्षिक योगदान 2018 में 1.25 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 5 मिलियन डॉलर कर दिया हैं। गौरतलब हैं कि पिछले पांच वर्षों में लगभग 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया हैं।
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फलस्तीन में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय के एक प्रेस बयान में कहा गया है कि भारत ने क्षेत्र में एजेंसी की गतिविधियों और फलस्तीनी शरणार्थियों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए अपने निरंतर समर्थन को रेखांकित किया है। इससे पहले 19 नवंबर को भारत ने मिस्र के एल-अरिश हवाई अड्डे के माध्यम से फलस्तीन के लोगों को 32 टन मानवीय सहायता पहुंचाई थी। 2018 से भारत ने यूएनआरडब्ल्यूए को 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए हैं।

मध्य गाजा में आगे बढ़ती इस्राइली सेना को देख हजारों का पलायन 
इस्राइली सेना जैसे-जैसे मध्य-गाजा में आगे बढ़ रही है, यहां पहले से विस्थापित हुए हजारों फलस्तीनी परिवार एक और सामूहिक पलायन के लिए मजबूर हो चले हैं। बृहस्पतिवार को उत्तरी गाजा छोड़कर आए फलस्तीनियों ने बड़ी तादाद में पलायन किया। इस बीच, बेत लाहिया, खान यूनिस और मघाजी क्षेत्रों में इस्राइली हमलों में 50 फलस्तीनियों के मरने की सूचना है।

इस्राइली सेना ने गाजा पट्टी के मुख्य दक्षिणी शहर, खान यूनिस के मध्य में एक अस्पताल के आसपास के क्षेत्र पर हमला किया, जहां युद्ध में बेघर हुए शरणार्थी क्षेत्र में टैंकों के घुसने का डर है। युद्ध अभियान को कम करने की अमेरिकी सार्वजनिक अपील के बावजूद इस्राइल ने जमीनी जंग बढ़ा दी है। लड़ाई का मुख्य फोकस अब गाजा के दक्षिण स्थित मध्य क्षेत्रों में है जो पट्टी को विभाजित करते हैं। यहां इस्राइली बलों ने अपने टैंकों के आगे बढ़ने के साथ नागरिकों को बाहर निकलने का आदेश दिया है। हजारों लोग बृहस्पतिवार को भूमध्यसागरीय तट से लगे दीर अल-बलाह की ओर दक्षिण या पश्चिम में जाते देखे गए। 

लाखों बुजुर्गों, विकलांगों और बच्चों को दिक्कत
बृहस्पतिवार को दीन अल-बलाह के पास बंजर और तबाह जमीन पर जल्दबाजी में बनाए गए अस्थायी तंबू के शिविरों में पलायनकर्ताओं की भीड़ तेजी से बढ़ी। गाजा में सक्रिय संयुक्त राष्ट्र के मुख्य संगठन यूएनआरडब्ल्यूए ने एक पोस्ट में कहा, 1.50 लाख से अधिक लोग, जिनमें छोटे बच्चे, बच्चों को ले जाने वाली महिलाएं, विकलांग और बुजुर्ग शामिल हैं, परेशान हैं क्योंकि वे कहीं नहीं जा सकते। अब उनकी जान पर बन आई है। इस्राइली सेना के आदेश हैं कि सभी नागरिकों को यह जगह छोड़नी होगी। एक पीड़ित ने कहा, इस्राइली सेना डॉक्टरों, पत्रकारों और नागरिकों को मार रही है। यहां सब जगह मौत मंडरा रही है।

रान्तिसी अस्पताल के पास सुरंग नेटवर्क नष्ट 
इस्राइली रक्षा बलों ने कहा कि उसने उत्तरी गाजा में रान्तिसी अस्पताल के नीचे और उसके आस-पास में कई किलोमीटर लंबी रणनीतिक सुरंगों के एक नेटवर्क को नष्ट कर दिया है। सैन्य प्रवक्ता, डैनियल हगारी ने कहा, सुरंग नेटवर्क इस्राइल से अगवा कुछ बंधकों को भी रखा गया था।


घायल इस्राइली सैनिकों की संख्या बढ़ रही
इस्राइली सुरक्षा बलों के लगभग 3,000 सदस्य अब तक घायल हो चुके हैं। इनकी संख्या बढ़ रही है।

भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए भेजी राहत सामग्री
भारत ने बृहस्पतिवार को फलस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) को 2.5 मिलियन डॉलर (लगभग 20.79 करोड़ रुपये) की दूसरी किस्त सौंपी। फलस्तीन में भारतीय दूतावास ने कहा, इसके साथ भारत ने 2023-24 के लिए 5 मिलियन डॉलर के अपने वार्षिक योगदान को भी पूरा कर दिया। यह योगदान मामलों की अधिकारी एलिजाबेथ रोड्रिग्स ने सौंपा। इसका उद्देश्य फलस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, राहत और सामाजिक सेवाओं सहित एजेंसी के मुख्य कार्यक्रमों और सेवाओं का समर्थन करना है।
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