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सीमा विवाद: चीन ने कहा, संबंधों में ‘उचित स्थिति’ में रखे भारत, दीर्घकालिक संबंधों पर दे ध्यान

एजेंसी, बीजिंग Published by: देव कश्यप Updated Thu, 22 Apr 2021 02:34 AM IST

सार

  • भारतीय राजदूत की तरफ से दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति का हवाला देने के बाद आया जवाब
  • चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने दोहराया, हमें उम्मीद है कि भारत सैनिकों की वापसी के लिए बड़ी मुश्किल से हासिल हुई प्रगति को ध्यान में रखेगा और सीमा पर शांति कायम करने के लिए ठोस कदम उठाएगा
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भारत-चीन (फाइल फोटो)
भारत-चीन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

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विस्तार

चीन ने बुधवार को फिर एक बार कहा कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति व स्थिरता कायम र खने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही चीन ने भारत से आग्रह किया कि सीमा विवाद को ‘उचित स्थिति’ में रखे और द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास के लिए आधी दूरी तय करे। इसके बाद आधी दूरी चीन तय करेगा।
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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया, जिनमें भारत के इस दावे पर प्रतिक्रिया पूछी गई थी कि सीमा पर शांति कायम रखने के लिए नेताओं के बीच बनी आम सहमति के महत्व को अनदेखा नहीं किया जा सकता। दरअसल चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने हाल ही में भारत-चीन संवाद फोरम पर अपने संबोधन में कहा था कि दोनों देशों के नेताओं के बीच एलएसी पर शांति बनाकर रखने के लिहाज से बनी आम सहमति को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने गंभीर घटनाओं से प्रभावित द्विपक्षीय संबंधों को फिर से संवारने के लिए पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की पूरी तरह वापसी की जरूरत बताई।


इस बारे में पूछे जाने पर वांग ने कहा कि दोनों पक्षों ने पैंगोंग झील इलाके से सैनिकों की वापसी के बाद पूर्वी लद्दाख के बाकी इलाकों से पीछे हटने को लेकर गहन और स्पष्ट चर्चा की है। दोनों सेनाओं के शीर्ष कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और डेपसांग इलाकों से सैनिकों की पूरी तरह वापसी के लिए नौ अप्रैल को 11वें दौर की वार्ता की थी।

वांग ने कहा, भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर चीन का रुख स्पष्ट और सतत है। हम सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा को बचाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। वांग ने कहा, हाल ही में दोनों पक्षों ने राजनयिक और सैन्य माध्यमों से वार्ताएं की हैं। गलवां घाटी और पैंगोंग झील क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के आधार पर दोनों पक्षों ने गहनता के साथ और खुले माहौल में सीमा के पश्चिमी हिस्से में बाकी के मुद्दों को सुलझाने पर विचार साझा किए थे।

उन्होंने कहा, आधा रास्ता चीन तय करेगा और हमें उम्मीद है कि आधी दूरी भारत तय करेगा और हम द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास के व्यापक परिदृश्य पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। भारतीय पक्ष सीमा के मुद्दे को ‘उचित स्थिति’ में रखेगा और संबंधों को ठोस व निरंतर विकास के मार्ग पर लाने के लिए काम करेगा।

मिसरी की टिप्पणियों से जुड़े एक सवाल पर वांग ने दोहराया, हमें उम्मीद है कि भारत सैनिकों की वापसी के लिए बड़ी मुश्किल से हासिल हुई प्रगति को ध्यान में रखेगा और सीमा पर शांति कायम करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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