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China: भारत-चीन सीमा विवाद पर बीजिंग में हुई बैठक, राजनयिक-सैन्य चैनलों के माध्यम से शांति बनाने पर जताई सहमति
Thu, 28 Mar 2024 03:19 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 28 Mar 2024 03:19 PM IST
सार
India-China Border Issue: बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने की। उन्होंने बीजिंग में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। दूसरी तरफ से चीन की ओर से चीनी विदेश मंत्री इस बैठक में शामिल हुए।
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भारत-चीन सीमा विवाद
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत-चीन सीमा विवाद के बीच दोनों देशों ने इस मामले को सुलझाने के लिए बीजिंग में एक बैठक की। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत-चीन सीमा विवादों को लेकर बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग में एक बैठक आयोजित की गई।
भारत-चीन सीमा मामले पर बीजिंग में हुई बैठक
इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने की। उन्होंने बीजिंग में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। दूसरी ओर से चीन की तरफ से चीनी विदेश मंत्री इस बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधि के बीच भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्रों में वास्वविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर जारी विवाद पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमित जताई है। मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया, दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से नियमित संपर्क बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच पिछले साल नवंब में बैठक हुई थी।
अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा: मंत्रालय
हाल ही में चीन अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताया था। हालांकि, भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया था। इससे पहले भी चीन कई बार अरुणाचल प्रदेश पर दावा कर चुका है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने चीन के इन निराधार दावों को खारिज करते हुए कहा कि अरुणाचल उत्तरपूर्वी राज्य होने के साथ भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि अरुणाचल के लोगों को भारत के विकास कार्यक्रम और परियोजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।
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भारत-चीन सीमा मामले पर बीजिंग में हुई बैठक
इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने की। उन्होंने बीजिंग में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। दूसरी ओर से चीन की तरफ से चीनी विदेश मंत्री इस बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधि के बीच भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्रों में वास्वविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर जारी विवाद पर चर्चा की गई।
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The 29th meeting of the Working Mechanism for Consultation & Coordination on India-China Border Affairs (WMCC) was held on 27th March 2024 in Beijing. The two sides had an in-depth exchange of views on how to achieve complete disengagement and resolve the remaining issues along… pic.twitter.com/HC3stCuUY0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 28, 2024
बैठक के बाद दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमित जताई है। मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया, दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से नियमित संपर्क बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच पिछले साल नवंब में बैठक हुई थी।
अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा: मंत्रालय
हाल ही में चीन अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताया था। हालांकि, भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया था। इससे पहले भी चीन कई बार अरुणाचल प्रदेश पर दावा कर चुका है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने चीन के इन निराधार दावों को खारिज करते हुए कहा कि अरुणाचल उत्तरपूर्वी राज्य होने के साथ भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि अरुणाचल के लोगों को भारत के विकास कार्यक्रम और परियोजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।