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UN: ऋण मुक्त ग्लोबल साउथ के देशों के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार की जरूरत, भारत ने किया आह्वान

Wed, 09 Oct 2024 05:29 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 09 Oct 2024 05:29 PM IST
सार

भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के लिए ऋण स्थिरता सुनिश्चित करने और ऋण जाल को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार के लिए एक ठोस और वैश्विक प्रयास का आह्वान किया है, जो कई संकटों से असंगत रूप से प्रभावित हुआ है।

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India calls for concerted effort to reform international financial architecture for debt free Global South
पी. हरिश,संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र को 'अनिश्चित विश्व में लचीलापन और विकास को बढ़ावा देना' विषय पर संबोधित करते हुए, इस ओर ध्यान आकर्षित किया कि किस प्रकार विकास संबंधी उपलब्धियां पटरी से उतर गई हैं, जिससे सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में प्रगति को खतरा पैदा हो गया है। बता दें कि भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के लिए ऋण स्थिरता सुनिश्चित करने और ऋण जाल को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार के लिए एक ठोस और वैश्विक प्रयास का आह्वान किया है, जो कई संकटों से असंगत रूप से प्रभावित हुआ है।
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इस दौरान पी. हरीश ने कहा, ऋण स्थिरता सुनिश्चित करने और ऋण जाल को रोकने, किफायती वित्त तक पहुंच प्रदान करने और वैश्विक व्यापार और निवेश प्रवाह में असमानताओं को दूर करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की आवश्यकता है। ग्लोबल साउथ देशों का मलतब है उन देशों से है, जो अल्प विकसित और विकास के मामलों काफी पीछे हैं।
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वहीं सबसे कमजोर लोगों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए, किसी को भी पीछे न छोड़ने के उद्देश्य से, हरीश ने कहा, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना लचीले समाजों के निर्माण की कुंजी है। उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और इसे विकासशील दुनिया के लिए कैसे दोहराया जा सकता है, समेत भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत की तरफ से उठाए गए कदमों को सूचीबद्ध किया।
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उन्होंने कहा, ग्लोबल साउथ देशों को अपनी साझा चिंताओं को आवाज देनी चाहिए और आम हितों के इर्द-गिर्द एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में उठाए गए कई कदमों के माध्यम से जलवायु कार्रवाई पर सिर्फ बात नहीं की है। उन्होंने जलवायु कार्रवाई की दिशा में भारत के ठोस कदमों के रूप में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) को सूचीबद्ध किया। हरीश ने यह भी बताया कि भारत ने तीन वैश्विक दक्षिण शिखर सम्मेलनों के माध्यम से वैश्विक दक्षिण के मुद्दे को उठाया।


 
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