भारत-बहरीन बैठक: विदेश मंत्री जयशंकर ने बहरीन में गाजा संघर्ष पर जताई गहरी चिंता, कहा- भारत शांति के साथ
India-Bahrain Meeting: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और बहरीन ने व्यापार में काफी प्रगति की है। हम अंतरिक्ष, शिक्षा, फिनटेक, एसएंडटी जैसे कई नए क्षेत्रों में काफी संभावनाएं देखते हैं। हमारी प्राथमिकता बहरीन के साथ अपना सहयोग बढ़ाने की है।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनामा में विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जयानी के साथ चौथी भारत-बहरीन उच्च संयुक्त आयोग की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम एशियाई संकट गहरी चिंता का कारण है। उन्होंने क्षेत्र में शांति पर भारत का रुख दोहराया और कहा, यह भारत के लिए गहरे रणनीतिक हित का क्षेत्र है। ऐसे में हाल के दिनों में यहां खासकर गाजा में संघर्ष पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण है। उन्होंने कतर और बहरीन का आधिकारिक दौरा संपन्न किया।
जयशंकर ने जयानी के साथ बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया क्षेत्र की शांति-स्थिरता से संबंधित मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, हम आतंकवादी कृत्यों और युद्ध में नागरिक जीवन की हानि की निंदा करते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा, हमने फलस्तीनियों को मानवीय मदद की सुरक्षित और समय पर आपूर्ति कराई और हम शीघ्र युद्धविराम के साथ सभी बंधकों की रिहाई का आह्वान करते हैं।
उन्होंने विवाद का द्वि-राष्ट्र समाधान जताते हुए कहा, हमने फलस्तीनी संस्थानों और क्षमताओं के निर्माण में भी योगदान दिया है और हम निश्चित रूप से सराहना करते हैं कि खाड़ी देश भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं। हमारी निरंतर बैठकें और हमारे दोनों देशों के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत हमारे बीच दोस्ती के मजबूत बंधन की गवाही देती है। मुझे लगता है कि आज हमारा काम शांति, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास तथा समृद्धि की साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित बंधनों को मजबूत करना है।
भारत-बहरीन ने की व्यापार में प्रगति
जयशंकर ने कहा कि भारत और बहरीन ने व्यापार में काफी प्रगति की है। हम अंतरिक्ष, शिक्षा, फिनटेक, एसएंडटी जैसे कई नए क्षेत्रों में काफी संभावनाएं देखते हैं। हमारी प्राथमिकता बहरीन के साथ अपना सहयोग विकसित करने में है। उन्होंने कहा, हमने हाल के वर्षों में व्यापार और निवेश में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हम निश्चित रूप से उस सकारात्मक गति को विकसित करना चाहेंगे। मैं कहना चाहता हूं कि भारत निश्चित ही बहरीन के निवेशकों को भारत में आने और अवसर तलाशने के लिए स्वागत करेगा।
रक्षा-सुरक्षा में सहयोग
जयशंकर ने भारत और बहरीन के बीच समुद्री सहयोग के क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, हम रक्षा और सुरक्षा मामलों पर भी निकटता से सहयोग करते हैं। भारत का सीएमएफ (संयुक्त समुद्री बल), जिसका मुख्यालय मनामा में है, में शामिल होना निश्चित रूप से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फायदेमंद होगा। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और सुरक्षा के लिए समुद्री गतिविधियों पर अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम आपके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।
भारतीय प्रवासी पुल हैं
जयशंकर ने कहा, बहरीन में भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण पुल हैं। मैं इस अवसर पर बहरीन में भारतीय समुदाय की देखभाल के तरीके की सराहना करने पर भी जोर दूंगा। यह हमारे देशों के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण पुल है। हमारा मानना है कि वे बहरीन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। और हम निश्चित रूप से आशा करते हैं कि हम समुदाय को एक बड़ा योगदान देते देखेंगे। जयशंकर ने बहरीन के राजा को उनके सिंहासन पर बैठने के 25 साल पूरे होने पर बधाई भी दी।
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