फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India and Nepal appreciate each other's strong cooperation in developmental partnership through LOCs

India-Nepal: भारत नेपाल के बीच बढ़ रही विकासात्मक साझेदारी;  ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ का है अहम योगदान

Fri, 11 Aug 2023 10:29 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 11 Aug 2023 10:29 PM IST
सार

भारतीय दूतावास ने बताया कि बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार (जीओआई) की मदद से तैयार की जा रहीं सड़क परियोजनाओं का भी दौरा किया। नेपाल में भारत के दिए कर्ज से कुल 1.65 अरब डॉलर की चार परियोजनाएं हैं।

विज्ञापन
India and Nepal appreciate each other's strong cooperation in developmental partnership through LOCs
भारत-नेपाल - फोटो : iStock

विस्तार

भारत और नेपाल ने दोनों देशों के बीच विकासात्मक साझेदारी में मजबूत सहयोग की सराहना की है। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास के लिए हिमालयी राष्ट्र को दी जाने वाला कर्ज लाइन ऑफ क्रेडिट (एलओसी) शामिल है। दोनों देशों के बीच बृहस्पतिवार को 10वीं लाइन ऑफ क्रेडिट (एलओसी) समीक्षा बैठक हुई।

विज्ञापन


भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार (जीओआई) की मदद से तैयार की जा रहीं सड़क परियोजनाओं का भी दौरा किया। नेपाल में भारत के दिए कर्ज से कुल 1.65 अरब डॉलर की चार परियोजनाएं हैं। ये कर्ज नेपाल सरकार की प्राथमिकता के अनुसार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए समर्पित हैं।
विज्ञापन


भारत सरकार का एलओसी पोर्टफोलियो 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है और 60 से अधिक भागीदार देशों में इसका विस्तार है। अब तक, इन एलओसी ने 40 से अधिक सड़क परियोजनाओं (1,105 किमी पूर्ण), जलविद्युत और ट्रांसमिशन लाइनों में 6 परियोजनाओं और आवास और पुनर्निर्माण में कई अन्य परियोजनाओं को वित्तपोषित किया है। नेपाल में बिजली पारेषण बुनियादी ढांचे को प्रमुख एलओसी परियोजनाओं, जैसे कोशी कॉरिडोर (220 केवी), मोदी लेखनाथ (132 केवी), सोलु कॉरिडोर (132 केवी) और धालकेबार-भिट्टामोड (400 केवी) परियोजनाओं के साथ बढ़ाया गया है। अब तक, धालकेबार-भिट्टामोड़ 400 केवी लाइन के माध्यम से 452 मेगावाट तक बिजली निर्यात किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed