तेजी से बढ़ रहा है संक्रमण: कोरोना महामारी की नई लहर ने उड़ा दी है यूरोप की नींद
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय महामारी की सबसे गंभीर सूरत यूरोप में ही दिख रही है। दूसरे महाद्वीपों में इस समय नए संक्रमण के मामलों में गिरावट का दौर है। जबकि यूरोप के सबसे बड़े दस में से छह देशों में स्थिति गंभीर होती नजर आ रही हैं। पूर्वी यूरोप के देशों में हालत ज्यादा खराब है...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूरोप में कोविड-19 संक्रमण के फिर से फैलने की रफ्तार तेज होती जा रही है। कई देशों में इसकी गति काफी तेज है। देखा यह गया है कि जिन देशों में टीकाकरण की रफ्तार धीमी है, वहां ये समस्या ज्यादा गंभीर है। लेकिन संक्रमण के नए मामले उन देशों में भी देखने को मिले हैं, जहां टीकाकरण की दर संतोषजनक मानी जाती है। संक्रमण बढ़ने के ताजा ट्रेंड से पूरे महाद्वीप में महामारी के फिर से लौटने की आशंका गहरी हो गई है।
अमेरिका के जॉन्स होपकिंस कोरोना वायरस रिसोर्स सेंटर से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक बीते दो हफ्तों में लगभग हर यूरोपीय देश में नए कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़े हैं। 13 देशों में तो नए संक्रमण के मामले उसके पहले के दो हफ्तों की तुलना में दो गुना हो गए। जिन देशों में महामारी की नई लहर सबसे गंभीर रूप लेती दिख रही है, उनमें आधे ऐसे हैं, जहां टीकाकरण की दर महाद्वीप के आम औसत से कम है।
छह देशों में स्थिति गंभीर
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय महामारी की सबसे गंभीर सूरत यूरोप में ही दिख रही है। दूसरे महाद्वीपों में इस समय नए संक्रमण के मामलों में गिरावट का दौर है। जबकि यूरोप के सबसे बड़े दस में से छह देशों में स्थिति गंभीर होती नजर आ रही हैं। पूर्वी यूरोप के देशों में हालत ज्यादा खराब है। चेक रिपब्लिक, सैन मैरिनो, हंगरी और पोलैंड में अक्तूबर मध्य के बाद से नए संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूर्वी यूरोप के कई देशों में टीकाकरण की रफ्तार धीमी रही है। जबकि पश्चिम यूरोप में मोटे तौर पर टीकाकरण की दर संतोषजनक है। पुर्तगाल, स्पेन, आइसलैंड, फ्रांस और आयरलैंड ऐसे देश हैं, जहां 70 फीसदी से अधिक आबादी को कोरोना वैक्सीन का एक से कम एक डोज लग चुका है। लेकिन बुल्गारिया, यूक्रेन और बेलारुस में अभी 30 फीसदी लोग भी ऐसे नहीं हैं, जिन्हें टीके का एक डोज लगा हो।
अमेरिका में बूस्टर डोज का अभियान
अमेरिकी टीवी चैनल एनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक टीकाकरण के लिहाज से यूरोप अमेरिका से काफी पिछड़ा हुआ है। अमेरिका की कुल आबादी में 67 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है। यूरोप में सबसे ऊंची दर पुर्तगाल में है, जहां 87 फीसदी आबादी को एक डोज लग चुका है।
अमेरिका में अब बूस्टर यानी वैक्सीन के तीसरे डोज को लगाने का अभियान चल रहा है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन और बहुत से गैर सरकारी संगठनों ने बूस्टर डोज लगाने के अमेरिका सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अभी जबकि बहुत से देशों में टीकाकरण की दर बहुत कम है, धनी देशों ने बूस्टर डोज लगाना शुरू कर दिया है। इससे गरीब देशों को टीका उपलब्ध होने की संभावना और घट गई है।
अब संभावना है कि यूरोप के कई देश भी बूस्टर डोज लगाने का अभियान तेज करेंगे। इस बीच ये चुनौती बनी हुई है कि जिन यूरोपीय देशों में टीकाकरण की दर कम है, वहां कैसे स्थिति को सुधारा जाए।