स्पेन के एक कानून पर सारी दुनिया की नजर, डिलीवरी कर्मियों और कैब ड्राइवरों को होगा फायदा
स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में एक फैसले कहा था कि स्पेनिश डिलिवरी कंपनी ग्लोवो के लिए काम करने वाले कूरियर कर्मी कानून कंपनी के कर्मचारी हैं। साथ ही डिलिवरी पर्सन्स को अब कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा...
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स्पेन में मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए एक अहम कानून बनाया गया है। इसके तहत ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाले डिलिवरी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। ऐसी कंपनियां जिन कर्मियों के जरिए डिलिवरी का काम लेती हैं, उन्हें कॉन्ट्रैक्टर बताती हैं। इस तरह कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों और सुरक्षाओं से उन्हें वंचित कर दिया जाता है। इस कानून को बनाने की कोशिश कई महीनों से चल रही थी। इसके लिए स्पेन की श्रम मंत्री योलान्दा दियाज ने खास पहल की थी। इसके पहले स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में एक फैसले कहा था कि स्पेनिश डिलिवरी कंपनी ग्लोवो के लिए काम करने वाले कूरियर कर्मी कानून कंपनी के कर्मचारी हैं।
स्पेन के कॉरपोरेट सेक्टर ने इस कानून के मसविदे का जोरदार विरोध किया था। आखिरकार सरकार की पहल पर बीते मार्च में ट्रेड यूनियनों और कारोबारी घरानों के बीच एक समझौता हुआ। उसके तहत हल निकला कि डिलिवरी पर्सन्स को अब कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। साथ ही कंपनियों को ट्रेड यूनियनों को ये सूचना देनी होगी कि उनके एल्गोरिद्म किन रूपों में डिलिवरी पर्सन्स के कामकाज को प्रभावित करते हैं। दियाज ने मंगलवार को एक टेलीविजन प्रसारण में कहा- अब इन कर्मियों को वेतनभोगी कर्मचारी माना जाएगा। उन्हें सभी प्रासंगिक सुरक्षाएं मिलेंगी।
लेकिन ट्रेड यूनियन इस कानून से बहुत खुश नहीं हैँ। स्पेन की एक बड़ी यूनियन यूजीटी ने कहा है कि ये कानून उद्योग जगत के प्रति बहुत नरम है। ये कानून पारित हो गया है, लेकिन इसे तीन महीने बाद लागू किया जाएगा। यूजीटी को आशंका है कि इस दौरान कंपनियां बहुत से कूरियर कर्मियों को काम से हटा देंगी। यूजीटी के मुताबिक ये कानून सिर्फ कूरियर कर्मियों को संरक्षण देता है। जबकि दूसरे गिग वर्कर्स को इससे बाहर रखा गया है। उबर जैसी कंपनियों के लिए वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को गिग वर्कर कहा जाता है। ये कंपनियां भी ऐसे कर्मियों को कर्मचारी मानने के बजाय उन्हें कॉन्ट्रैक्टर बताती हैं। यूजीटी ने कहा है- नया कानून सिर्फ राइडर्स पर लागू होगा, जबकि फर्जी स्वरोजगार के नाम पर कई उद्योगों से जुड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों को उनके हक से वंचित करती रहेंगी।
उधर गिग कंपनियां भी इस कानून से नाखुश हैं। उनकी दलील है कि ये कानून उनके बिजनेस मॉडल के खिलाफ है। उबर ईस्ट्स ने धमकी दी है कि इस कानून का मतलब स्पेन में गिग अर्थव्यवस्था का खात्मा है। उबर ईस्ट्स ने कहा कि इससे उन हजारों डिलिवरी कर्मियों को नुकसान होगा, जो कमाई के एप आधारित अवसरों का लाभ उठाते हैं। उबर ईस्ट्स ने दावा किया है कि इस कानून के चलते स्पेन के 30 हजार प्लैटफॉर्म कूरियर्स में से 75 प्रतिशत अपनी आमदनी का स्रोत गंवा देंगे।
गौरतलब है कि प्लैटफॉर्म वर्कर्स के बारे में यूरोपीय आयोग की एक पहल इस साल बाद में सामने आएगी। पूरे यूरोप में उद्योग जगत, ट्रेड यूनियनें और नीति-निर्माता गिग अर्थव्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। यूरोपियन ट्रेड यूनियन कॉन्फेडरेशन (ईटीयूसी) ने अब कहा है कि यूरोपियन यूनियन को स्पेन के कानून का अनुपालन करना चाहिए। मजदूर अधिकारों के पैरोकार यूरोपीय संसद के सदस्यों ने भी ऐसी मांग उठाई है।
इसके पहले पिछले साल ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में उबर ड्राइवरों को उस कंपनी का कर्मचारी घोषित किया था। लेकिन उसके बाद ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन सरकार ने जो नीति बनाई, उसमें ऐसे कर्मियों को अलग श्रेणी में रखा गया। इसके तहत गिग वर्कर्स को पहले की तुलना में अधिक अधिकार दिए गए, लेकिन आज भी उनके अधिकार और सुरक्षाएं ‘कर्मचारी’ माने गए कर्मियों से कम रखे गए हैं। उबर कंपनी ने कहा है कि स्पेन को उसी मॉडल का पालन करना चाहिए था।
लेकिन यूरोपियन यूनियन में भावना फिलहाल मजदूरों के हित में अधिक नजर आ रही है। यूरोपीय आयोग की डिजिटल चीफ मार्गरेथ वेस्तागर ने साफ कहा है कि वे ब्रिटिश मॉडल की पक्षधर नहीं हैँ। उन्होंने कहा कि जब आप कर्मचारियों की एक अलग श्रेणी बनाना चाहते हैं, तो बात जटिल हो जाती है। उधर दियाज ने इटली के श्रम एवं समाज कल्याण मंत्री आंद्रिया ऑर्लांडो के साथ एक साझा लेख लिख कर यूरोपीय आयोग की प्रस्तावित पहल का स्वागत किया है। दियाज स्पेन की साझा सरकार में यूनाइटेड लेफ्ट गुट की तरफ से मंत्री हैं।