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चीन में उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार पर आप क्या कहेंगे..? इमरान की बोलती हुई बंद
Mon, 16 Sep 2019 08:54 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 16 Sep 2019 08:54 AM IST
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इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
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कश्मीर मामले में दुनिया भर में अपनी बेइज्जती करवा चुके इमरान खान अब इंटरव्यू देकर इस्लाम के नाम पर मुसलमानों को उकसा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान कतर के मीडिया संस्थान अलजजीरा को दिए इंटरव्यू में उनकी पोल खुल गई।
इंटरव्यू के दौरान जब अलजजीरा के पत्रकार ने इमरान खान से पूछा गया कि उन्हें कश्मीर के मुसलमानों के मानवाधिकार की तो चिंता है, पर चीन में उइगर मुसलमानों के मुद्दे पर क्या उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से बात की? इस पर इमरान बोले- 'नहीं हमने चीन से इस बारे में बात नहीं की। मैं कश्मीर और पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं को लेकर इतना व्यस्त हूं कि उइगर मुसलमानों के साथ चीन क्या कर रहा है, इस बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता। वे चीन में हैं, मुझे यहां सामना करने दीजिए।
जब पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या दो परमाणु देशों के बीच एक और बड़े युद्ध का खतरा है, आप क्या कहेंगे? तब इमरान खान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 80 लाख लोग छह हफ्ते से घरों में कैद हैं। हम उनकी स्थिति दुनिया को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान कभी भी परमाणु युद्ध शुरू नहीं करेगा। भारत इससे ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा। हम मानते हैं कि युद्ध समस्याओं का समाधान नहीं है। जो हालात बन रहे हैं, उससे संघर्ष भी छिड़ सकता है। मैं जानता हूं कि जब दो परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध होता है। पूरी आशंका है कि इसका अंत परमाणु युद्ध के साथ होगा। तब हम समर्पण करने के बजाय आखिरी विकल्प (परमाणु हमला) इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भारत से बातचीत शुरू करने के लिए कई कोशिशें की थीं। उन्होंने कहा, एक सभ्य पड़ोसी के नाते हमें कश्मीर पर मतभेद का हल निकालना चाहिए। उन्होंने कहा, शांति कायम करने के बजाय भारत पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में ब्लैकलिस्ट कराना चाहता है। भारत हमें दिवालिया घोषित करवाना चाहता है।
इमरान से पूछा गया कि लोग कहते हैं कि आप यू-टर्न पीएम हो गए हैं? तब उन्होंने कहा कि अगर लोग मुझे यू-टर्न पीएम कहते हैं, तो बुरा नहीं लगता। यू-टर्न सिर्फ बेवकूफ लोग ही नहीं ले सकते। हमारे यू-टर्न सकारात्मकता के लिए हैं। देश के खराब आर्थिक हालात को देखते हुए मुझे अपने कई एजेंडों को छोड़ना पड़ा है। हम चीन के अब ज्यादा करीब हैं।
पाक में अभिव्यक्ति की आजादी पर बोलते हुए इमरान ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां मीडिया को सबसे ज्यादा आजादी है। आज पत्रकारों को जितनी छूट है, वो अभूतपूर्व है। मैंने सत्ता में आने के बाद कई काम ऐसे किए हैं, जो पुरानी सरकारें नहीं कर सकीं।
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इंटरव्यू के दौरान जब अलजजीरा के पत्रकार ने इमरान खान से पूछा गया कि उन्हें कश्मीर के मुसलमानों के मानवाधिकार की तो चिंता है, पर चीन में उइगर मुसलमानों के मुद्दे पर क्या उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से बात की? इस पर इमरान बोले- 'नहीं हमने चीन से इस बारे में बात नहीं की। मैं कश्मीर और पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं को लेकर इतना व्यस्त हूं कि उइगर मुसलमानों के साथ चीन क्या कर रहा है, इस बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता। वे चीन में हैं, मुझे यहां सामना करने दीजिए।
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जब पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या दो परमाणु देशों के बीच एक और बड़े युद्ध का खतरा है, आप क्या कहेंगे? तब इमरान खान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 80 लाख लोग छह हफ्ते से घरों में कैद हैं। हम उनकी स्थिति दुनिया को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान कभी भी परमाणु युद्ध शुरू नहीं करेगा। भारत इससे ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा। हम मानते हैं कि युद्ध समस्याओं का समाधान नहीं है। जो हालात बन रहे हैं, उससे संघर्ष भी छिड़ सकता है। मैं जानता हूं कि जब दो परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध होता है। पूरी आशंका है कि इसका अंत परमाणु युद्ध के साथ होगा। तब हम समर्पण करने के बजाय आखिरी विकल्प (परमाणु हमला) इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भारत से बातचीत शुरू करने के लिए कई कोशिशें की थीं। उन्होंने कहा, एक सभ्य पड़ोसी के नाते हमें कश्मीर पर मतभेद का हल निकालना चाहिए। उन्होंने कहा, शांति कायम करने के बजाय भारत पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में ब्लैकलिस्ट कराना चाहता है। भारत हमें दिवालिया घोषित करवाना चाहता है।
इमरान से पूछा गया कि लोग कहते हैं कि आप यू-टर्न पीएम हो गए हैं? तब उन्होंने कहा कि अगर लोग मुझे यू-टर्न पीएम कहते हैं, तो बुरा नहीं लगता। यू-टर्न सिर्फ बेवकूफ लोग ही नहीं ले सकते। हमारे यू-टर्न सकारात्मकता के लिए हैं। देश के खराब आर्थिक हालात को देखते हुए मुझे अपने कई एजेंडों को छोड़ना पड़ा है। हम चीन के अब ज्यादा करीब हैं।
पाक में अभिव्यक्ति की आजादी पर बोलते हुए इमरान ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां मीडिया को सबसे ज्यादा आजादी है। आज पत्रकारों को जितनी छूट है, वो अभूतपूर्व है। मैंने सत्ता में आने के बाद कई काम ऐसे किए हैं, जो पुरानी सरकारें नहीं कर सकीं।