पाकिस्तान: बदले सियासी समीकरण बता रहे अब पीएमएल-क्यू के हाथ में है इमरान सरकार का भविष्य?
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विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) के नेताओं की मंगलवार को हुई मुलाकात के बाद देश में ताजा सियासी समीकरणों को लेकर कयास तेज हो गए हैं। पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक पीएमएल-क्यू का समर्थन पाने के मकसद से ही इमरान खान ने इसके सर्वोच्च नेताओं से भेंट की। सियासी हलकों में इसको लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज ने बुधवार को दावा किया पीएमएल-क्यू समर्थन दे या नहीं, विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव कामयाब होकर रहेगा।
पीएमएल-क्यू के पांच वोट अहम
पीएमएल-एन के नेता शाहिद खकन अब्बासी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा- ‘यह पीएमएल-क्यू को फैसला करना है कि वह सरकार से चिपकी रहेगी या जनता के पक्ष में खड़ी होगी।’ राष्ट्रीय संसद नेशनल असेंबली में पीएमएल-क्यू के पांच सदस्य हैं। पर्यवेक्षकों के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान ये पांच वोट बेहद अहम होंगे। समझा जाता है कि उन पांच वोटों से पलड़ा किसी एक तरफ झुक सकता है।
पाकिस्तान के अखबार द न्यूज की एक खबर के मुताबिक इमरान खान से मुलाकात के दौरान पीएमएल-क्यू के नेता चौधरी शुजात हुसैन और परवेज इलाही ने उन्हें अपना समर्थन देने का भरोसा दिया। इन दोनों नेताओं को इमरान खान ने अपने निवास पर आमंत्रित किया था। बताया जाता है कि बातचीत के दौरान इमरान खान ने पीएमएल-क्यू के नेताओं को भरोसा दिया कि पंजाब प्रांत के बारे में उनकी तमाम शिकायतें दूर की जाएंगी। उसके बाद खबर आई कि पीएमएल-क्यू की शिकायतों को तुरंत दूर करने के लिए संघीय सरकार ने पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार और संबंधित संघीय मंत्रियों को निर्देश जारी किए हैं।
उधर पीएमएल-क्यू की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री को विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ के साथ हुई अपनी मुलाकात के बारे में बताया। बयान में कहा गया- पार्टी नेताओं ने इस मामले में प्रधानमंत्री को भरोसे में लिया।
सत्ता पक्ष का मनोबल बढ़ा
उधर अखबारों में इस मुलाकात को लेकर कई तरह की कहानियां छपी हैं। एक अखबार ने पीएमएल-क्यू के सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि इस मुलाकात के दौरान अविश्वास प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं हुई। उधर एक अन्य रिपोर्ट में तीन सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस बातचीत के दौरान राजनीति की ही चर्चा नहीं हुई। इस दौरान पीमएल-क्यू के नेताओं ने इमरान खान की हाल की रूस यात्रा की तारीफ भर की।
एक खबर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सूत्रों के हवाले से छपी है। उसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने न तो अविश्वास प्रस्ताव पर पीएमएल-क्यू नेताओं का समर्थन मांगा, न ही उनकी तरफ से ऐसा कोई आश्वासन दिया गया। लेकिन पीएमएल-क्यू नेताओं की बॉडी लैंग्वेज बढ़िया थी, जिससे सत्ता पक्ष का मनोबल बढ़ा है। इस दौरान चौधरी शुजात ने इमरान खान से कहा- ‘आप डटे रहें’। इसे उनके समर्थन का संकेत समझा गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक सत्ता पक्ष के लिए चिंता की बात मुलाकात के दौरान परवेज इलाही का यह कहना था कि विपक्ष ने पीएमएल-क्यू को पंजाब में मुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की है।