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Pakistan: भारी आर्थिक संकट के बीच समर्थकों से बोले इमरान- 'जेल भरो तहरीक' की करो तैयारी, बुरी तरह हारेंगे शासक
Sat, 04 Feb 2023 09:41 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 04 Feb 2023 09:41 PM IST
सार
इमरान ने कहा, मैं लोगों से तैयार होने और 'जेल भरो तहरीक' के मेरे आह्वान का इंतजार करने को कहता हूं। पाकिस्तान की जेलों में इतनी जगह नहीं होगी कि उन सभी को रखा जा सके।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान ने शनिवार को अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निर्देश दिया कि वे उनकी पार्टी के नेताओं को हिरासत में यातना देने और नए आम चुनावों की घोषणा करने में देरी के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ 'जेल भरो तहरीक' (जेल भरो आंदोलन) की तैयारी करें। अपदस्थ प्रधानमंत्री ने शनिवार को जमान पार्क स्थित अपने आवास से टेलीविजन संबोधन के दौरान ये टिप्पणियां कीं।
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इससे कुछ दिन पहले उनकी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी और नेशनल असेंबली की पूर्व सदस्य शंदाना गुलजार के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। इमरान ने कहा, मैं लोगों से तैयार होने और 'जेल भरो तहरीक' के मेरे आह्वान का इंतजार करने को कहता हूं। पाकिस्तानी जेलों में इतनी जगह नहीं होगी कि उन सभी को रखा जा सके।
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उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान में उनके आकाओं को लगता है कि 'हम उत्पीड़न और हिरासत में यातना से डर जाएंगे, तो वे गलत हैं। पीटीआई प्रमुख ने कहा, मेरी कॉल का इंतजार करो... मैं आपको जेलों को भरने का संकेत दूंगा। मुझे पता है जेलें भर जाएंगी क्योंकि उनके पास इतनी क्षमता नहीं है।
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खान के करीबी फवाद चौधरी को पिछले हफ्ते लाहौर में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पाकिस्तान के चुनाव आयोग के सचिव की शिकायत पर इस्लामाबाद के कोहसर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। सचिव ने उन पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को धमकी देने का आरोप लगाया था।
इस बीच, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आरक्षित महिला सीट से निर्वाचित गुलजार पर 'देश की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ हिंसा भड़काने' का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, फवाद चौधरी को तड़के तीन बजे घर से उठाया गया। शंदाना गुलजार ने ऐसा क्या किया जिससे वह आतंकवादी बन गईं। अदालत शेख राशिद को जमानत दे रही है, इसलिए उसके खिलाफ और मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
अपदस्थ प्रधानमंत्री ने अपने जोशीले संबोधन में कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रव्यापी हड़ताल का विकल्प चुन सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि इसके बजाय वे देश की अर्थव्यवस्था के और खराब होने की आशंका के मद्देनजर जेलों को भरने का विकल्प चुनेंगे।
खान ने कहा, हमारे पास दो विकल्प हैं: वे जो कर रहे हैं, उसे देखते हुए, हम पहिया-जाम हड़ताल और प्रदर्शन कर सकते है, जो एक लोकतांत्रिक तरीका भी है। लेकिन चूंकि अर्थव्यवस्था की स्थिति इतनी खराब है, इसलिए यह और खराब हो जाएगी। इसलिए, मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं, पाकिस्तानी राष्ट्र और सभी से जेल भरो तहरीक के लिए तैयार रहने के लिए कहता हूं।
खान ने अफसोस जताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान जंगल के कानून की ओर बढ़ रहा है, जहां ताकत ही सही है। खान ने कहा कि 'आयातित सरकार' की योजना उन्हें अयोग्य घोषित करने और फिर चुनाव की तारीखों की घोषणा करने की थी। हमने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में दो हफ्ते में सरकारों को भंग कर दिया, लेकिन चुनाव आयोग की मदद से मौजूदा शासक चुनावों को टालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, जो संविधान के तहत (विधानसभाओं के विघटन के बाद) 90 दिनों के भीतर होने हैं। शासकों को डर है कि वे बुरी तरह हार जाएंगे, यही कारण है कि वे अब चुनाव नहीं चाहते हैं।
खान ने कहा कि उनके खिलाफ 60 प्राथमिकियां दर्ज हैं और एक बार जब मौजूदा सरकार और उसके संचालक यह सुनिश्चित कर लेंगे कि उन्हें दरकिनार (किसी भी मामले में अयोग्य ठहराया जाए) कर दिया जाए तो वे चुनाव जीतने के लिए लंदन के 12वें खिलाड़ी (नवाज शरीफ) को बुलाएंगे।
खान ने न्यायपालिका से लोगों के अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया। हर पाकिस्तानी अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायपालिका की ओर देख रहा है। देश को बचाएं और कानून का शासन सुनिश्चित करें। पीटीआई प्रमुख ने देश के आर्थिक संकट और पाकिस्तानी रुपये की कीमत में गिरावट के लिए प्रधानमंत्री शरीफ की आलोचना करते हुए कहा कि इससे महंगाई अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ेगी।
पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को कहा कि पिछले वित्त वर्ष के अंत में उसका विदेशी मुद्रा भंडार 16.1 फीसदी घटकर 3.09 अरब डॉलर रह गया, जो करीब 10 वर्षों में सबसे कम है। पिछले साल नवंबर में खान को उनकी हत्या के प्रयास के बाद इस्लामाबाद तक अपने लंबे मार्च को निलंबित करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इससे पहले पिछले साल मई में खान ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के कुछ ही क्षण बाद अचानक 'आजादी रैली' को रद्द कर दिया था।
2018 में सत्ता में आए खान एकमात्र पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हैं जिन्हें अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास मत से अपदस्थ किया गया था। सत्ता से हटने के बाद से वह मध्यावधि चुनाव की तारीख की घोषणा करने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमला तेज कर दिया है।