कंगाली से गुजर रही इमरान सरकार को बड़ी राहत, आईएमएफ ने दिए 45 करोड़ डॉलर
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कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बड़ी राहत मिली है। आईएमएफ ने फिर से पाकिस्तान को 45 करोड़ डॉलर का बेलआउट पैकेज दिया है। आईएमएफ ने पाकिस्तान को आर्थिक मदद की दूसरी किश्त के तौर पर 45.24 करोड़ डॉलर की रकम मुहैया कराई।
एआरवाई न्यूज ने पाकिस्तान के स्टेट बैंक के प्रवक्ता के हवाले से यह खबर दी है। केंद्रीय बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि आईएमएफ की ओर से यह रकम अगले हफ्ते बैंक में डाल दी जाएगी। इस मदद से पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक का भंडार 14 मिलियन डॉलर से बढ़कर 10.9 अरब डॉलर हो जाएगा। आईएमएफ ने इस साल जुलाई में आर्थिक मदद की पहली किश्त मुहैया कराई थी। इससे पहले आईएमएफ ने अप्रैल में पाकिस्तान के लिए तीन साल के बेलआउट (राहत पैकेज) पैकेज पर सहमति जताई थी। 1980 के दशक के बाद पाकिस्तान के लिए यह 13वां राहत पैकेज है।
कर्ज के तले दबा है पाकिस्तान
दिसंबर की शुरुआत में भी पाकिस्तान ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से 1.3 अरब डॉलर का कर्ज लिया था। इसके अलावा उसने चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे मित्र देशों से 10.40 अरब डॉलर का कर्ज लिया है। हाल के कुछ वर्षों में पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बिल्कुल सुस्त पड़ गई है। वह विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में उसे जरूरी खर्चे निकालने के लिए विभिन्न मंचों से कर्ज लेना पड़ रहा है।
आईएमएफ ने दी थी नसीहत
आईएमएफ ने हाल में पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्त पोषण पर रोक नहीं लगाने के लिए नसीहत दी थी। आईएमएफ ने कहा था कि वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को काली सूची में डालने की स्थिति में वह बर्बाद हो जाएगा। एफएटीएफ ने पाक को फरवरी, 2020 तक अपनी ‘ग्रे सूची’ में डाला है। उसने कहा है कि पाक अगर उसकी ओर से सौंपे गए 27 में से 22 बिंदुओं का अनुपालन करने में विफल रहता है, तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा।