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नेपाल में बेनतीजा रही सत्ताधारी एनसीपी की अहम बैठक 

Sun, 06 Dec 2020 05:26 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, काठमांडो
एजेंसी, काठमांडो Published by: Kuldeep Singh Updated Sun, 06 Dec 2020 05:26 AM IST
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Important meeting of ruling NCP did not reach any decision in Nepal
Nepal Prime Minister KP Sharma Oli - फोटो : ANI

नेपाल में सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) में चल रही अंदरूनी लड़ाई खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। पार्टी के केंद्रीय सचिवालय की बहुप्रतीक्षित बैठक भी शनिवार को बेनतीजा रही। इस बैठक से पहले संकटग्रस्त प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कुमार दहल ‘प्रचंड’ के बीच आमने-सामने की बैठक आयोजित की गई, लेकिन यह भी उन दोनों के बीच लंबे समय से चल रहे राजनीतिक द्वंद्व को खत्म करने में विफल रही है। 

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आपसी झगड़े मिटाने के लिए बुलाई गई थी बैठक
एनसीपी प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने कहा, बालूवतार स्थित प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी एजेंडों पर काठमांडो के धुंबराही स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में रविवार को होने वाली स्थायी समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, केंद्रीय सचिवालय बैठक में पार्टी की सभी परेशानियों पर चर्चा की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया है।  
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सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय सचिवालय बैठक से पहले पार्टी के कार्यकारी प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड और मौजूदा प्रधानमंत्री व पार्टी चेयरमैन ओली के बीच चार घंटे तक आमने-सामने मुलाकात कर आपसी मुद्दों पर चर्चा की गई। लेकिन इसमें दोनों के बीच कोई सुलह नहीं बन सकी। रविवार को स्थायी समिति की बैठक में प्रचंड और ओली की तरफ से पेश किए गए दो अलग-अलग दस्तावेजों पर चर्चा होगी, जिनमें एक-दूसरे पर पिछली बैठकों के दौरान लगाए गए आरोपों का जिक्र है।
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प्रचंड ने 13 नवंबर को पार्टी की सचिवालय बैठक में पेश किए गए 19 पेज के राजनीतिक दस्तावेज में सरकार और पार्टी, दोनों को सही तरह से चलाने में असफलता के लिए ओली की आलोचना की थी। उन्होंने ओली पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए थे। हालांकि ओली ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए प्रचंड को भ्रष्टाचार के आरोपों को कानूनी तौर पर साबित करने या माफी मांगने की चुनौती दी थी। ओली ने प्रचंड के आरोपों के जवाब में 38 पेज का राजनीतिक दस्तावेज दाखिल किया है। 

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