फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   If Migrants dislike detention camps so they can opt not to come said Donald Trump

प्रवासियों को डिटेंशन सेंटर पसंद नहीं हैं, तो वो ना आने का विकल्प चुन सकते हैं: डोनाल्ड ट्रंप

Thu, 04 Jul 2019 10:23 AM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Thu, 04 Jul 2019 10:23 AM IST
विज्ञापन
If Migrants dislike detention camps so they can opt not to come said Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : File Photo

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया है कि प्रवासियों के लिए बनाए गए डिटेंशन सेंटरों में काफी भीड़ रहती है और वह रहने लायक नहीं हैं। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अगर ऐसा है तो प्रवासी अमेरिका ना आने का विकल्प चुन सकते हैं।

विज्ञापन


उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, "अगर अवैध प्रवासी जल्दी में बनाए गए डिटेंशन सेंटर की स्थितियों से नाखुश हैं, तो उन्हें कहें कि वह ना आएं। सारी परेशानियां सुलझ जाएंगी।" ट्रंप का ये बयान डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की रिपोर्ट जारी होने के एक दिन बाद आया है। जिसमें इन डिटेंशन कैंपों की खराब स्थिति के बारे में बताया गया है।
विज्ञापन


इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों की संख्या में प्रवासियों को इन डिटेंशन कैंपों में रखा गया है। जिससे कैंपों में काफी भीड़ है। ये प्रवासी अपने सेंट्रल अमेरिका के घरों से गरीबी और हिंसा के कारण भागे हैं। केवल इस रिपोर्ट में ही ये बात नहीं कही गई है। बल्कि कई डेमोक्रेटिक नेताओं ने भी इन कैंपों का दौरा किया है। उन्होंने भी यही कहा है कि इन सेल्स में पानी नहीं है, बच्चों और व्यस्कों तक आवश्यक दवाओं की पहुंच भी नहीं है। ये लोग दो हफ्तों तक नहाते नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन रिपोर्ट्स से ट्रंप प्रशासन पर प्रवासियों को रिहा करने का दबाव बढ़ रहा है। मंगलवार को डीएचएस इंस्पेक्टर जनरल जेनिफर कोस्टेलो ने डिटेंशन कैंप को लेकर कई रिपोर्ट जारी की हैं। हाल ही में मेक्सिको से हजारों की संख्या में लोग अमेरिकी सीमा पर पकड़े गए हैं। उन्होंने इस ओर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।

इस रिपोर्ट में कई तस्वीरों को भी शामिल किया गया है, जो टेक्सास के पास की हैं। इन तस्वीरों में लोगों की खराब हालत को दिखाया गया है। जिसमें बच्चे भी शामिल है। सुरक्षाकर्मियों में से एक का कहना है कि ये स्थिति एक टाइम बम की तरह है।


इससे एजेंसी के स्टाफ और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। हालात ऐसे हैं कि तीन से पांच साल की उम्र के बच्चों को भी नहाने की सुविधा नहीं है और ना ही कपड़े हैं। अधिकतर सिंगल व्यसकों को महीने में एक बार ही नहाने की सुविधा है, इन लोगों को साफ होने के लिए गीले कपड़ों का सहारा लेना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed