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Crime: नेतन्याहू के बाद अब इस देश के शासक की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ICC से गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग
Wed, 27 Nov 2024 03:47 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 27 Nov 2024 03:47 PM IST
सार
म्यांमार के वरिष्ठ जनरल लैंइंग पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप है। इसमें रोहिंग्याओं को डिपोर्ट करने से लेकर उनको प्रताड़ित करने तक के आरोप शामिल हैं।
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म्यांमार के सैन्य शासक मिन ऑन्ग लैइंग।
- फोटो : ANI
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) के मुख्य अभियोजक करीम खान ने बुधवार को जजों से म्यांमार के सैन्य शासक मिन ऑन्ग लैइंग के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की। आईसीसी से यह मांग म्यांमार में रोहिंग्या अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अपराधों का हवाला देते हुए की गई। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही आईसीसी ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
म्यांमार के वरिष्ठ जनरल लैंइंग पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप है। इसमें रोहिंग्याओं को डिपोर्ट करने से लेकर उनको प्रताड़ित करने तक के आरोप शामिल हैं। बताया जाता है कि जनरल लैइंग की कार्रवाई से ही लाखों रोहिंग्या म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश भाग गए थे। रोहिंग्याओं के इस विस्थापन को जातीय संहार तक करार दिया गया है, जिसमें उन्हें मारने, उनके घरों को तबाह करने के अलावा रोहिंग्या महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाओं का भी जिक्र किया जाता है।
बांग्लादेश में एक रिफ्यूजी कैंप से संबोधित करते हुए करीम खान ने कहा, "म्यांमार के सैन्य शासक के खिलाफ वारंट जारी करने से हम अपने साथियों के साथ यह दिखा सकते हैं कि रोहिंग्याओं को भुलाया नहीं गया है। वे दुनिया के बाकी सभी लोगों की तरह ही कानून के तहत सुरक्षा के हकदार हैं।"
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आईसीसी के अभियोजक ने इसके साथ ही म्यांमार के अन्य नेताओं के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट के अनुरोध की योजना का खुलासा किया। बता दें कि सैन्य जनरल लैइंग ने 2021 में तख्तापलट के बाद म्यांमार की चुनी हुई आंग सान सू की की सरकार से सत्ता छीन ली थी और तब से ही वे देश के सैन्य शासक बने हैं।
नेतन्याहू के खिलाफ भी जारी हो चुका है गिरफ्तारी वारंट
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने पिछले हफ्ते ही हमास नेता मोहम्मद दियाब इब्राहिम अल-मसरी उर्फ मोहम्मद दईफ और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अब इस्राइल और उसके सहयोगी अमेरिका को छोड़कर 124 सदस्य देशों के हाथ में होगा कि वह इन गिरफ्तारी वारंट को लागू करें या नहीं।
आईसीसी की ओर से वारंट जारी करने की यह मांग भी अभियोजक करीम खान की तरफ से मई में रखी गई थी।
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म्यांमार के वरिष्ठ जनरल लैंइंग पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप है। इसमें रोहिंग्याओं को डिपोर्ट करने से लेकर उनको प्रताड़ित करने तक के आरोप शामिल हैं। बताया जाता है कि जनरल लैइंग की कार्रवाई से ही लाखों रोहिंग्या म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश भाग गए थे। रोहिंग्याओं के इस विस्थापन को जातीय संहार तक करार दिया गया है, जिसमें उन्हें मारने, उनके घरों को तबाह करने के अलावा रोहिंग्या महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाओं का भी जिक्र किया जाता है।
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बांग्लादेश में एक रिफ्यूजी कैंप से संबोधित करते हुए करीम खान ने कहा, "म्यांमार के सैन्य शासक के खिलाफ वारंट जारी करने से हम अपने साथियों के साथ यह दिखा सकते हैं कि रोहिंग्याओं को भुलाया नहीं गया है। वे दुनिया के बाकी सभी लोगों की तरह ही कानून के तहत सुरक्षा के हकदार हैं।"
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#ICC Prosecutor @KarimKhanQC announces an application for a warrant of arrest for Senior General and Acting President Min Aung Hlaing, Commander-in-Chief of the #Myanmar Defence Services https://t.co/OyQHr9q29r pic.twitter.com/rJQJDUrXiT
— Int'l Criminal Court (@IntlCrimCourt) November 27, 2024
आईसीसी के अभियोजक ने इसके साथ ही म्यांमार के अन्य नेताओं के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट के अनुरोध की योजना का खुलासा किया। बता दें कि सैन्य जनरल लैइंग ने 2021 में तख्तापलट के बाद म्यांमार की चुनी हुई आंग सान सू की की सरकार से सत्ता छीन ली थी और तब से ही वे देश के सैन्य शासक बने हैं।
नेतन्याहू के खिलाफ भी जारी हो चुका है गिरफ्तारी वारंट
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने पिछले हफ्ते ही हमास नेता मोहम्मद दियाब इब्राहिम अल-मसरी उर्फ मोहम्मद दईफ और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अब इस्राइल और उसके सहयोगी अमेरिका को छोड़कर 124 सदस्य देशों के हाथ में होगा कि वह इन गिरफ्तारी वारंट को लागू करें या नहीं।
आईसीसी की ओर से वारंट जारी करने की यह मांग भी अभियोजक करीम खान की तरफ से मई में रखी गई थी।