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जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर यूक्रेन का ड्रोन हमला: आईएईए ने दी चेतावनी, कहा- 'यह आग से खेलने जैसा'
Sun, 31 May 2026 08:44 AM IST
अमन तिवारी
आईएएनएस, वियना
आईएएनएस, वियना
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 31 May 2026 08:44 AM IST
सार
परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले पर चिंता जताई है। उन्होंने इसे आग से खेलने जैसा बताया। रूस ने इसके लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है।
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परमाणु ऊर्जा संयंत्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र (ZNPP) पर हुए ड्रोन हमले को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु केंद्रों पर हमले करना आग से खेलने जैसा खतरनाक काम है।
IAEA ने क्या कहा?
IAEA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि संयंत्र प्रशासन ने उन्हें ड्रोन हमले की सूचना दी है। यह ड्रोन संयंत्र की एक टर्बाइन बिल्डिंग से टकराया। इस टक्कर की वजह से इमारत की एक दीवार में छेद हो गया है। ग्रॉसी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि किसी भी परमाणु केंद्र पर या वहां से किसी भी तरह का हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की ताकि परमाणु सुरक्षा और सुरक्षा को कोई खतरा न हो। संयंत्र में मौजूद IAEA की टीम ने नुकसान का खुद जायजा लेने के लिए प्रभावित इमारत तक जाने की अनुमति मांगी है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है।
IAEA के अनुसार, अप्रैल 2024 के बाद यह पहली बार है जब संयंत्र के घेरे के भीतर कोई ड्रोन हमला हुआ है। जापोरिज्जिया संयंत्र यूरोप के सबसे बड़े परमाणु केंद्रों में से एक है। मार्च 2022 से ही इस पर रूस का नियंत्रण है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से IAEA लगातार सैन्य गतिविधियों से होने वाले जोखिमों को लेकर चेतावनी दे रहा है। एजेंसी ने बार-बार परमाणु ढांचे की सुरक्षा की मांग की है।
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रूस ने क्या कहा?
रूस की कंपनी रोसाटॉम ने शनिवार को बताया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने इस परमाणु संयंत्र पर हमला किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। यह ड्रोन संयंत्र की यूनिट 6 के टर्बाइन आइलैंड से टकराया और वहां विस्फोट हो गया। इस हमले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को दे दी गई है।
ये भी पढ़ें: US: ट्रंप ने साझा की न्यूयॉर्क की गवर्नर के साथ AI-जनरेटेड तस्वीर, सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस
संयंत्र के सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा गया कि परमाणु केंद्रों पर ऐसे हमले बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं। इनसे परमाणु सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है। बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले के परिणाम खतरनाक हो सकते हैं और यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। इस घटना में किसी की जान नहीं गई है और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ है। रोसाटॉम के सीईओ एलेक्सी लिखचेव ने कहा कि यह किसी परमाणु संयंत्र के मुख्य उपकरण पर पहला सीधा हमला है। इसकी वजह से विस्फोट हुआ और टर्बाइन आइलैंड के ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
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IAEA ने क्या कहा?
IAEA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि संयंत्र प्रशासन ने उन्हें ड्रोन हमले की सूचना दी है। यह ड्रोन संयंत्र की एक टर्बाइन बिल्डिंग से टकराया। इस टक्कर की वजह से इमारत की एक दीवार में छेद हो गया है। ग्रॉसी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि किसी भी परमाणु केंद्र पर या वहां से किसी भी तरह का हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की ताकि परमाणु सुरक्षा और सुरक्षा को कोई खतरा न हो। संयंत्र में मौजूद IAEA की टीम ने नुकसान का खुद जायजा लेने के लिए प्रभावित इमारत तक जाने की अनुमति मांगी है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है।
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IAEA के अनुसार, अप्रैल 2024 के बाद यह पहली बार है जब संयंत्र के घेरे के भीतर कोई ड्रोन हमला हुआ है। जापोरिज्जिया संयंत्र यूरोप के सबसे बड़े परमाणु केंद्रों में से एक है। मार्च 2022 से ही इस पर रूस का नियंत्रण है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से IAEA लगातार सैन्य गतिविधियों से होने वाले जोखिमों को लेकर चेतावनी दे रहा है। एजेंसी ने बार-बार परमाणु ढांचे की सुरक्षा की मांग की है।
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रूस ने क्या कहा?
रूस की कंपनी रोसाटॉम ने शनिवार को बताया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने इस परमाणु संयंत्र पर हमला किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। यह ड्रोन संयंत्र की यूनिट 6 के टर्बाइन आइलैंड से टकराया और वहां विस्फोट हो गया। इस हमले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को दे दी गई है।
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संयंत्र के सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा गया कि परमाणु केंद्रों पर ऐसे हमले बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं। इनसे परमाणु सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है। बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले के परिणाम खतरनाक हो सकते हैं और यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। इस घटना में किसी की जान नहीं गई है और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ है। रोसाटॉम के सीईओ एलेक्सी लिखचेव ने कहा कि यह किसी परमाणु संयंत्र के मुख्य उपकरण पर पहला सीधा हमला है। इसकी वजह से विस्फोट हुआ और टर्बाइन आइलैंड के ढांचे को नुकसान पहुंचा है।