एमवी एवर गिवेन: स्वेज नहर में कैसे अटका विशालकाय जहाज, जानें इसके फंसने से लेकर निकलने तक की कहानी
- तेज हवाओं और रेत के तूफान के बीच फंस गया था जहाज
- एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका
- मिस्र की स्वेज नहर में खुला जाम
विस्तार
स्वेज नहर में फंसे विशालकाय मालवाहक जहाज को कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार सोमवार को निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 4:30 बजे दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाज एमवी एवर गिवेन को निकाला गया।
मिस्र के अधिकारियों ने बताया कि तेज हवा की वजह से जहाज घूम गया और अटक गया था। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को यह जहाज नहर में फंसा था उस दिन 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। एमवी एवर गिवेन के फंसने की वजह से स्वेज नहर में बीते एक सप्ताह से कम से कम 367 जहाज फंस गए थे और इंतजार कर रहे थे कि कब उनके आगे बढ़ने के लिए रास्ता खुलेगा।
कैसे निकाला गया जहाज
एमवी एवर गिवेन जहाज चीन से नीदरलैंड्स के पोर्ट रोटेरडम जा रहा था। जहाज लाल सागर को पार कर स्वेज नहर में प्रवेश किया तब हवा के तेज बहाव की वजह से जहाज घूम गया और अटक गया। इसकी वजह से नहर का रास्ता पूरी तरह से ब्लॉक हो गया।
करीब एक हफ्ते से यहां फंसे विशाल जहाज को बड़ी मशक्कत के बाद रास्ते से हटाया जा सका, जिसके बाद मिस्र की स्वेज नहर में जाम खुल पाया। इस विशाल जहाज को हटाने के लिए टग बोट्स और ड्रेजर की मदद ली गई थी। जहाज को हटाने में मदद करने वाली कंपनी, बोसकालिस के सीईओ पीटर बर्बर्सकी ने बताया कि एवर गिवेन सोमवार को स्थानीय समयानुसार 15:05 बजे निकाल लिया गया था, जिसके बाद स्वेज नहर का रास्ता पहले की तरह खुल पाया।
13 टग बोट्स की सहायता से जहाज को किया गया सीधा
बर्बर्सकी के मुताबिक, इस जहाज को निकालने के लिए पहले 10 टग बोट्स को लगाया गया था, लेकिन फिर जब सफलता नहीं मिली तब 3 और टगबोट्स को लगाया गया। 13 टगबोट्स की सहायता से जहाज को 80 फीसदी तक सीधा कर लिया गया था। जहाज के उपर 2.20 लाख टन से अधिक भार का सामान लदा हुआ था, इसकी वजह से इसे सीधा करना में इतना वक्त लग गया। हालांकि, अभी जाम की वजह से फंसे सभी जहाजों को निकलने में करीब तीन दिन का वक्त लगने वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक शिपिंग पर पड़े असर को जाने में हफ्तों या यहां तक की महीनों लग सकते हैं।
बता दें कि जैसे गाड़ी को खींचकर ले जाने के लिए टॉइंग वैन होती है, उसी तरह से जहाजों को खींचकर ले जाने के लिए टग बोट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इधर, शिपिंग समूह मर्स्क ने कहा, 'साफ तौर पर इस घटना की जांच होगी, क्योंकि इससे बड़ा असर हुआ है और मुझे लगता है कि इस बात पर कुछ वक्त तक बहस होगी कि वहां असल में हुआ क्या था। हम क्या कर सकते हैं ताकि फिर कभी ऐसा ना हो? ये मिस्र के प्रशासन को देखना होगा कि जहाज़ हमेशा बिना किसी दिक्कत के नहर से निकलते रहें, क्योंकि ये उन्हीं के हित में है।'
पनामा का है एमवी एवर गिवेन जहाज
एमवी एवर गिवेन जहाज पनामा का है, जो 2018 में बनकर तैयार हुआ था। यह दुनिया की सबसे बड़ी कार्गो शिप है। इस जहाज का आकार 400 मीटर लंबा और 59 मीटर चौड़ा है। इसमें एक बार में 20 हजार से अधिक कंटेनर ले जाए जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि स्वेज नहर से रोजाना लगभग 50 जहाज गुजरते हैं। पिछले साल 19 हजार जहाजों का आवागमन हुआ था। दुनिया का करीब 10-12 फीसदी व्यापार इसी जलमार्ग से होता है। एशिया और यूरोप के बीच व्यापार को आसान बनाने में स्वेज नहर काफी महत्वपूर्ण है। इस नजर को 1869 में खोला गया था, जो भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ता है। इस नहर की लंबाई 193 किलोमीटर है।