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बांग्लादेश: हिंदू प्रोफेसर और मुसलमान नेता ने पेश की मिसाल, एक ने मस्जिद तो दूसरे ने श्मशान के लिए दे दी जमीन
Thu, 28 Apr 2022 04:24 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 28 Apr 2022 04:24 PM IST
सार
बांग्लादेश में एक हिंदू प्रोफेसर ने मस्जिद के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है तो एक मुसलमान नेता ने हिंदुओं के लिए श्मशान के निर्माण के लिए जमीन दान की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
बांग्लादेश के खुलना प्रभाग में एक हिंदू और एक मुसलमान व्यक्ति ने एक दूसरे के धर्मों के प्रति अपने कार्यों से सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। फकीरहाट अजहर अली डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर प्रणब कुमार घोष ने एक मस्जिद के निर्माण के लिए जमीन दान में दी है। वहीं, अवामी लीग के स्थानीय नेता शेख मिजानुर रहमान ने हिंदुओं के श्मशान घाट के लिए अपनी जमीन का एक टुकड़ा दान दिया है।
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जानकारी के अनुसार फकीरहाट में जमीन के मालिक घोष से स्थानीय लोगों ने मदद मांगी थी जिसके बाद उन्होंने मस्जिद के निर्माण के लिए अपनी जमीन दे दी। इस इलाके में कोई मस्जिद नहीं थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शुरुआत में यहां प्रार्थना का एक स्थान बनाया गया था, लेकिन बाद में वहां पर लगभग 40 एकड़ जमीन में एक दो मंजिला इमारत बना दी गई।
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मस्जिद के एक अधिकारी गौस शेख ने कहा कि घोष ने हमें केवल जमीन ही नहीं दी है, बल्कि जब हमने उन्हें मस्जिद में आमंत्रित किया तो वह आए और हमारे साथ बैठ कर भोजन भी किया। गौस शेख ने आगे कहा कि प्रणब कुमार घोष ने हमें इतनी जमीन दी है जितनी कि एक ईदगाह के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा इसमें महिलाओं के लिए प्रार्थना करने के लिए अलग से जगह भी है।
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हिंदुओं के श्मशान के लिए शेख मिजानुर रहमान ने दे दी अपनी जमीन
दूसरी ओर शेख मिजानुर रहमान की जमीन भैरव नदी के किनारे पर स्थित सनातन धर्म श्मशान के पास थी। पुराना श्मशान का मैदान बाढ़ में बह जाने की वजह से नए श्मशान का निर्माण करने के लिए उन्होंने अपनी जमीन दान कर दी। फकीरहाट यूनियन काउंसिल के पूर्व चेयरमैन मिजानुर ने कहा कि मैं इस बात से बहुत आहत था कि एक समुदाय के पास अपने मृतकों का अंतिम संस्कार करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।