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पश्चिम एशिया संकट: रूबियो ने सेना की कार्रवाई का किया बचाव, कहा- ईरान की ताकत हुई पस्त; हिजबुल्ला बना रोड़ा
Wed, 03 Jun 2026 04:25 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 03 Jun 2026 04:25 AM IST
सार
अमेरिका विदेश मंत्री ने दावा किया है कि इस्राइल और लेबनान तो कल ही हाथ मिला लें, लेकिन बीच में हिजबुल्ला विलेन बना बैठा है। दूसरी तरफ, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की नौसेना को पूरी तरह पस्त कर दिया है और घायल सुप्रीम लीडर भी पर्दे के पीछे से सरकार चलाने को मजबूर हैं।
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मार्को रूबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी संसद में बड़ी बात कही है। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की कार्रवाई का पूरी तरह बचाव किया। रूबियो ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की ताकत को खत्म कर दिया है। ईरान अपनी परमाणु योजना को छिपाने के लिए सेना की आड़ ले रहा था। अमेरिका ने उसकी इस ढाल को पूरी तरह तोड़ दिया है।
नष्ट हुई ईरान की नौसेना
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की नौसेना बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने तंज कसा कि ईरान की नौसेना के पास अब सिर्फ मशीन गन लगी छोटी नावें ही रह गई हैं। इसके साथ ही ईरान के ड्रोन बनाने वाले कारखानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रूबियो ने माना कि सस्ते ड्रोन आज भी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या हैं। लेकिन ईरान के ड्रोन बनाने की क्षमता अब बहुत कमजोर हो गई है।
इस्राइल और लेबनान के बीच हिजबुल्ला रोड़ा- रूबियो
वाशिंगटन में इस समय इस्राइल और लेबनान के बीच चौथे दौर की शांति बातचीत चल रही है। रूबियो ने कहा कि इस्राइल और लेबनान कल ही शांति समझौता कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच जमीन को लेकर कोई पुराना झगड़ा नहीं है। इस शांति के रास्ते में सिर्फ हिजबुल्ला ही सबसे बड़ी रुकावट है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के बिना हिजबुल्लाह का कोई वजूद नहीं है। अमेरिका में हो रही इस बैठक में इस्राइल के राजदूत येचिएल लेइटर और लेबनान की प्रतिनिधि नादा हमीद मुअव्वद हिस्सा ले रही हैं।
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यह भी पढ़ें: मौत के महीनों बाद खामेनेई का अंतिम संस्कार: ईरान में तीन दिन का राजकीय शोक, कई शहरों में निकाले जाएंगे जुलूस
ईरान पर कड़े प्रतिबंध और खामोस सुप्रीम लीडर
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान को पहले होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रास्ता खोलना होगा। उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर भी ठोस बात करनी होगी। इसके बाद ही उसे पाबंदियों में कोई ढील मिलेगी। अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान को हर दिन करोड़ों डॉलर का भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, हमले की शुरुआत के बाद से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई जनता के सामने नहीं आए हैं। वह सिर्फ लिखकर अपने आदेश भेज रहे हैं। दूसरी तरफ, रूबियो ने कहा कि ताइवान को लेकर अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अमेरिका आज भी दुनिया की एकमात्र महाशक्ति है- रूबियो
इतना ही नहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की समिति के सामने कहा कि अमेरिका आज भी दुनिया की एकमात्र महाशक्ति है। हमारी सेना मानव इतिहास की सबसे शक्तिशाली ताकत है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिकी डॉलर का ही सिक्का चलता है। उन्होंने साफ किया कि भले ही दुनिया के कुछ देश अमेरिका के प्रभाव को कम आंकने की कोशिश करें, लेकिन हकीकत यही है कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने में अमेरिका की सैन्य और आर्थिक ताकत का आज भी कोई मुकाबला नहीं है।
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नष्ट हुई ईरान की नौसेना
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की नौसेना बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने तंज कसा कि ईरान की नौसेना के पास अब सिर्फ मशीन गन लगी छोटी नावें ही रह गई हैं। इसके साथ ही ईरान के ड्रोन बनाने वाले कारखानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रूबियो ने माना कि सस्ते ड्रोन आज भी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या हैं। लेकिन ईरान के ड्रोन बनाने की क्षमता अब बहुत कमजोर हो गई है।
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इस्राइल और लेबनान के बीच हिजबुल्ला रोड़ा- रूबियो
वाशिंगटन में इस समय इस्राइल और लेबनान के बीच चौथे दौर की शांति बातचीत चल रही है। रूबियो ने कहा कि इस्राइल और लेबनान कल ही शांति समझौता कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच जमीन को लेकर कोई पुराना झगड़ा नहीं है। इस शांति के रास्ते में सिर्फ हिजबुल्ला ही सबसे बड़ी रुकावट है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के बिना हिजबुल्लाह का कोई वजूद नहीं है। अमेरिका में हो रही इस बैठक में इस्राइल के राजदूत येचिएल लेइटर और लेबनान की प्रतिनिधि नादा हमीद मुअव्वद हिस्सा ले रही हैं।
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ईरान पर कड़े प्रतिबंध और खामोस सुप्रीम लीडर
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान को पहले होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रास्ता खोलना होगा। उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर भी ठोस बात करनी होगी। इसके बाद ही उसे पाबंदियों में कोई ढील मिलेगी। अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान को हर दिन करोड़ों डॉलर का भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, हमले की शुरुआत के बाद से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई जनता के सामने नहीं आए हैं। वह सिर्फ लिखकर अपने आदेश भेज रहे हैं। दूसरी तरफ, रूबियो ने कहा कि ताइवान को लेकर अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अमेरिका आज भी दुनिया की एकमात्र महाशक्ति है- रूबियो
इतना ही नहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की समिति के सामने कहा कि अमेरिका आज भी दुनिया की एकमात्र महाशक्ति है। हमारी सेना मानव इतिहास की सबसे शक्तिशाली ताकत है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिकी डॉलर का ही सिक्का चलता है। उन्होंने साफ किया कि भले ही दुनिया के कुछ देश अमेरिका के प्रभाव को कम आंकने की कोशिश करें, लेकिन हकीकत यही है कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने में अमेरिका की सैन्य और आर्थिक ताकत का आज भी कोई मुकाबला नहीं है।