फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Helicopter will once again fly on Mars Indian origin NASA scientist designed it

NASA: मंगल ग्रह पर एक बार फिर उड़ेगा हेलिकॉप्टर, भारतीय मूल के इस नासा वैज्ञानिक ने किया है डिजाइन

Mon, 30 Oct 2023 01:32 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 30 Oct 2023 01:32 AM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. जे बॉब बलराम ने इनजेनिटी को डिजाइन किया है। नासा का कहना है कि इनजेनिटी तकनीक का एक चमत्कार है। यह अल्ट्रा-लाइट वजन वाले कार्बन फाइबर से बना है और केवल आधा मीटर लंबा है।

विज्ञापन
Helicopter will once again fly on Mars Indian origin NASA scientist designed it
नासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा अब एक बार फिर मंगल ग्रह पर विमान उड़ाने वाली है। दूसरे ग्रह पर उड़ने वाले हेलिकॉप्टर का वजन 1.8 किलो है। नासा ने इसका नाम इनजेनिटी रखा है, जिस गिन्नी उपनाम से भी बुलाया जा सकता है। यह परियजोना नासा के प्रेजरवेंस रोवर का ही एक हिस्सा है, जिसे 2020 में लॉन्च किया गया था। रोवर अब भी मंगल ग्रह पर सक्रिय है। 

विज्ञापन

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. जे बॉब बलराम ने इनजेनिटी को डिजाइन किया है। नासा का कहना है कि इनजेनिटी तकनीक का एक चमत्कार है। यह अल्ट्रा-लाइट वजन वाले कार्बन फाइबर से बना है और केवल आधा मीटर लंबा है। इनजेनिटी को उड़ाने वाले ब्लेड 2400 और 2900 आरपीएम पर घूमते हैं। बता दें, यह पृथ्वी पर किसी भी हेलीकॉप्टर की तुलना में लगभग 10 गुना तेज है।

विज्ञापन

अब तक 64 उड़ानें भर चुका हेलिकॉप्टर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 19 अप्रैल, 2021 को इनजेनिटी ने अपनी पहली उड़ान भरी थी। इस दौरान, हेलिकॉप्टर जमीन से लगभग तीन मीटर ऊपर उड़ा और थोड़ी देर हवा में घूम कर एक मोड पूरा कर लिया। मंगल के बेहद पतले वातावरण में नियंत्रित उड़ान हासिल करना एक बड़ा मील का पत्थर था। यह पृथ्वी से परे दुनिया की पहली उड़ान भी थी। अब तक, इसने मंगल ग्रह के पतले वातावरण में 64 उड़ानें भरी हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जानिए, कौन हैं भारतीय मूल के वैज्ञानिक
डॉ जे बॉब बलराम वर्तमान में नासा की जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला या जेपीएल में कार्यरत हैं। बलराम ने आईआईटी, मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। डॉ. बलराम का कहना है कि वह शीघ्र ही नासा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अब वह भारतीय छात्रों की मदद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी मद्रास में उनके व्यावहारिक प्रशिक्षण ने इनजेनिटी उड़ान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उनके जैसे सैकड़ों छात्र हैं, जो आगे बढ़ सकते हैं और भारत को गौरवान्वित कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed