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ईरान युद्ध पर घिरे रक्षा मंत्री हेगसेथ: डेमोक्रेट्स-रिपब्लिकन ने मांगा इस्तीफा, ट्रंप बोले- पद पर बने रहेंगे

Thu, 05 Nov 2026 08:45 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 05 Nov 2026 08:45 PM IST
सार

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के बाद युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ को हटाने की मांग तेज हो गई है। डेमोक्रेट्स के साथ रिपब्लिकन सांसद भी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि ट्रंप उन्हें पद पर बनाए रखना चाहते हैं। जेडी वेंस ने हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार बताया है। क्या हेगसेथ पर महाभियोग आएगा? क्या ट्रंप का फैसला बदलेगा? आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...

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Hegseth Faces Pressure to Resign Over Iran War Democrats Republicans Call for His Exit Trump Says He Stay
पीट हेगसेथ की कुर्सी पर मंडराया संकट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ निशाने पर हैं। डेमोक्रेट्स के साथ रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसद भी उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने गुरुवार को साफ कहा कि वह हेगसेथ को पद पर बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि लोग हेगसेथ को हटाने की मांग क्यों कर रहे हैं। दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के पीछे ईरान युद्ध को बड़ी वजह बताया है।

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अमेरिका के 2026 मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करने की स्थिति में पहुंच गई है। अमेरिकी मीडिया संस्थानों के अनुमानों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल कर सकते हैं। इस नतीजे से ट्रंप प्रशासन के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया, 'पीट हेगसेथ अब तक पद पर क्यों हैं?' कोलोराडो से सांसद और हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्य जेसन क्रो ने हेगसेथ को अक्षम बताया। उन्होंने कहा कि पेंटागन में उनका हर दिन अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा बढ़ाता है। न्यूयॉर्क के सांसद और पूर्व सैन्य खुफिया अधिकारी पैट्रिक रयान ने भी कहा कि डेमोक्रेट्स के बहुमत में आने के बाद पहला काम हेगसेथ को हटाना होना चाहिए।
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रिपब्लिकन सांसद ने महाभियोग प्रस्ताव लाने की चेतावनी क्यों दी?
हेगसेथ को हटाने की मांग केवल डेमोक्रेटिक पार्टी तक सीमित नहीं है। रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने भी उनके इस्तीफे की मांग की है। मैसी ने कहा है कि अगर हेगसेथ तुरंत पद नहीं छोड़ते हैं तो संसद का अगला सत्र शुरू होने पर वह उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव दोबारा पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि केवल हेगसेथ के इस्तीफे की स्थिति में ही वह महाभियोग प्रस्ताव नहीं लाएंगे। मैसी इससे पहले भी 34 पन्नों का महाभियोग प्रस्ताव पेश कर चुके हैं। इसमें ईरान, यमन और वेनेजुएला समेत कई जगहों पर सैन्य अभियानों, नागरिकों की मौत और सैन्य कार्रवाई के दौरान संसद की निगरानी को दरकिनार करने जैसे आरोप लगाए गए थे। ये मैसी की ओर से लगाए गए आरोप हैं, इन्हें आधिकारिक तौर पर साबित किए गए कदाचार के निष्कर्ष नहीं माना गया है। उनका पिछला प्रस्ताव सदन में औपचारिक मतदान तक नहीं पहुंच पाया था।
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जेडी वेंस ने चुनावी हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार क्यों ठहराया?
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे ईरान युद्ध को प्रमुख वजह बताया है। सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट में उन्होंने कहा कि पार्टी की हार का असली कारण कम मतदान नहीं, बल्कि युद्ध है। वेंस के मुताबिक, आंतरिक सर्वेक्षणों से पता चला कि 2024 में ट्रंप-वेंस का समर्थन करने वाले कई मतदाताओं ने 2026 के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण मतदाताओं में नाराजगी बढ़ी। ट्रंप ने भी वेंस के आकलन को काफी हद तक सही बताया। उन्होंने माना कि युद्ध के कारण कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं और इससे लोगों पर आर्थिक दबाव पड़ा। हालांकि, ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें फिर से फैसला लेने का मौका मिले, तब भी वह यही कदम उठाएंगे।

क्या ट्रंप हेगसेथ को हटाने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं?
ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से हेगसेथ को पद पर बनाए रखने की बात कही है, लेकिन प्रशासन के भीतर उनके भविष्य को लेकर चर्चा जारी होने की खबरें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने करीबी सलाहकारों से फोन पर बातचीत और विचार-विमर्श के दौरान इस मुद्दे को उठाया है। हालांकि, उन्हें पद से हटाने या बनाए रखने पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ईरान युद्ध को लेकर शीर्ष सैन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच और सवालों के घेरे में आ सकती है। इनमें अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन शामिल हैं। हेगसेथ के संभावित विकल्पों को लेकर फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस का नाम भी चर्चा में है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कार्यकाल 5 जनवरी को समाप्त होने के बाद उन्हें रक्षा विभाग की जिम्मेदारी देने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।


डेमोक्रेट्स को दोनों सदनों में बहुमत मिलने से ट्रंप पर क्या असर पड़ेगा?
मध्यावधि चुनाव के बाद डेमोक्रेट्स को दोनों सदनों में बहुमत मिलने के अनुमान से ट्रंप प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने पर डेमोक्रेट्स सरकार के फैसलों की जांच, सुनवाई और पूछताछ तेज कर सकते हैं। सीनेट में नियंत्रण मिलने से विधेयकों और राष्ट्रपति की ओर से की जाने वाली नियुक्तियों पर भी उनका प्रभाव बढ़ेगा। ट्रंप ने अपने खिलाफ संभावित महाभियोग की चर्चा को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कदम डेमोक्रेटिक पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने दावा किया कि देश पहले से ज्यादा सफल है। वहीं, मैसी पहले ही हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव दोबारा लाने की चेतावनी दे चुके हैं। ऐसे में चुनावी नतीजों के बाद ईरान युद्ध, सैन्य नेतृत्व और हेगसेथ के पद को लेकर अमेरिकी संसद में टकराव बढ़ने की संभावना है।

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