Pakistan: क्या तीन महीनों के अंदर नए चुनाव कराने पर राजी हो गई शहबाज सरकार, क्या इमरान खान का दबाव कर गया काम?
बीते हफ्ते इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि वे या तो उनकी पार्टी से आम चुनाव की तारीख पर बातचीत शुरू करें, वरना पीटीआई असेंबलियों को भंग करने पर सरकार को मजबूर कर देगी।
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ऐसा लगता है कि कई तरफ से बने दबाव के कारण पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार समय से पहले चुनाव कराने की पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मांग के आगे झुकने को तैयार हो गई है। इस बारे में कई ठोस संकेत मिले हैं। गुरुवार देर शाम न्यूज संबंधी ट्विटर हैंडल साउथ एशिया इंडेक्स ने खबर दी कि नए चुनावों का एलान अगले कुछ हफ्तों के अंदर होने की संभावना है। इसमें बताया गया कि चुनाव तीन महीनों के अंदर कराए जाएंगे। इस हैंडल ने यह खबर भी दी कि संघ और प्रांतीय कार्यवाहक सरकारों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पाकिस्तान में नियम के मुताबिक चुनाव तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत कराए जाते हैं।
चुनाव कराने के लिए अन्य देशों का भी बढ़ रहा दबाव
समझा जाता है कि पाकिस्तान के कुछ ‘दोस्त’ देशों ने जल्द कराने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने शहबाज शरीफ सरकार को साफ पैगाम दिया कि पाकिस्तान को आर्थिक संकट से निकालने के लिए यह अनिवार्य है कि वहां स्थिर सरकार बने। बुधवार को सऊदी अरब के इस्लामाबाद स्थित राजदूत ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनका देश पाकिस्तान को आर्थिक मदद देना चाहता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि देश में राजनीतिक स्थिरता हो। यहां चल रही चर्चाओं के मुताबिक सभी ‘स्टेक-होल्डर्स’ (हित-धारकों) के साथ नए चुनाव के समय पर सहमति बना ली गई है।
इमरान खान की पार्टी ने शुरू करेगी चुनाव के लिए चुनाव के लिए रणनीति
पाकिस्तान के अखबारों में शुक्रवार सुबह यह छापी गई कि इमरान खान ने अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के निर्वाचित प्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं को अगले आम चुनाव की तैयारी शुरू कर देने का निर्देश दिया है। पार्टी पदाधिकारियों और टिकट चाहने वाले नेताओं के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा कि नए चुनाव के लिए व्यापक रणनीति जल्द ही तैयार की जाएगी। इस बैठक में पार्टी की भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। पीटीआई नेताओं ने असेंबलियों से इस्तीफा देकर उन्हें भंग करवाने की पार्टी की रणनीति का समर्थन किया। इमरान खान ने ये रणनीति जल्द आम चुनाव की मांग पर जोर डालने के लिए ही घोषित की थी।
बीते हफ्ते इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार को दिया था अल्टीमेटम
बीते हफ्ते इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि वे या तो उनकी पार्टी से आम चुनाव की तारीख पर बातचीत शुरू करें, वरना पीटीआई असेंबलियों को भंग करने पर सरकार को मजबूर कर देगी। इसके पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि पीटीआई अगले रमजान से पहले नए चुनाव चाहती है। अगले वर्ष रमजान का महीना 22 मार्च से शुरू होगा।
अब समझा जाता है कि सत्ताधारी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने यह स्वीकार कर लिया है कि बिना नया चुनाव कराए देश में ऐसी स्थिति नहीं बन सकती, जिससे वह ठीक से शासन कर पाए। पाकिस्तान में जारी राजनीतिक अनिश्चय का देश की आर्थिक हालत पर बहुत खराब असर पड़ा है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार घटता जा रहा है, जबकि महंगाई काबू में नहीं आ रही है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक ‘दोस्त’ देशों के यह साफ कर देने के बाद कि राजनीतिक स्थिरता के बिना वे मदद करने को इच्छुक नहीं हैं, पीडीएम के विकल्प सीमित हो गए। ऐसे में संभवतः चुनाव के लिए राजी हो जाना ही उसे सबसे उचित रास्ता महसूस हुआ है।