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यूएई-बहरीन समझौते के वक्त इस्राइल पर हमास के हमले, एक के बाद एक 15 रॉकेट दागे
Thu, 17 Sep 2020 12:11 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 17 Sep 2020 12:11 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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अमेरिका में जिस समय राष्ट्रपति ट्रंप की मध्यस्थता में इस्राइल के साथ यूएई और बहरीन में ऐतिहासिक शांति समझौता हो रहा था उसी वक्त इस्राइली सीमा में हमास ने एक के बाद एक 15 रॉकेट दागे। यह हमला गाजापट्टी क्षेत्र से किया गया जो बताता है कि समझौते के बावजूद क्षेत्र में शांति की बातें दूर की कौड़ी हैं। इसके जवाब में दूसरे दिन सुबह इस्राइली सेना ने भी जवाबी हमले किए।
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गजापट्टी से किए गए रॉकेट हमले में दो इस्राइली नागरिकों के घायल होने की खबर हैं। जबकि हमास के एक रॉकेट को इस्राइल की सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया लेकिन दूसरा रॉकेट उसकी सीमा में गिरा। खबरों के मुताबिक मध्य-पूर्वी देशों के साथ हुए इस शांति समझौते को लेकर इस्राइल विरोधी मुस्लिम देशों में काफी बेचैनी है। इनमें ईरान भी एक है जिसने यूएई और बहरीन का खुलेतौर पर विरोध किया है।
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उधर, फलस्तीन पहले से ही ट्रंप के समझौता फार्मूले के खिलाफ रहा है। ऐसे में फलस्तीन समर्थित बलों ने ऐतिहासिक समझौते का रॉकेट हमलों से विरोध किया। हमास के आतंकी हमलों के जवाब में इस्राइली सेना ने गाजा क्षेत्र में 10 रॉकेट दागे और उसके एक हथियार और विस्फोट कारखाने तथा एक सैन्य प्रशिक्षण परिसर समेत भूमिगत बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया। हालांकि यहां किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
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विश्वासघात है समझौता : फलस्तीन
एक तरफ अमेरिकी मध्यस्थता में इस्राइल, यूएई और बहरीन ने ऐतिहासिक शांति समझौते को अहम दस्तावेज बताया तो फलस्तीन ने उन्हें अरब देशों के साथ विश्वासघाती करार दिया है। उसने कहा वह इस समझौते को नहीं मानता है क्योंकि यह बिना किसी क्षेत्रीय रियायतों के किया गया है।
नेतन्याहू ने जताया ट्रंप का आभार
तीन देशों में हुए अब्राहिम समझौते को ऐतिहासिक शांति समझौता बताते हुए इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, इस्राइल की तरफ के साथ खड़े रहकर साहस पूर्वक तेहरान के अत्याचारों का सामना करने के लिए ट्रंप का आभार। कहा, ट्रंप ने इस्राइल और फलस्तीन के बीच शांति के लिए यथार्थवादी दृष्टिकोण का प्रस्ताव दिया है।