फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Hackers say they wiped out USD 90 million from Iran crypto-currency exchange

UAE: हैकर्स ने ईरान की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरंसी कंपनी से उड़ाए 9 करोड़ डॉलर, समूह के इस्राइल से जुड़ाव की आशंका

Thu, 19 Jun 2025 05:20 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 19 Jun 2025 05:20 PM IST
सार

UAE: ईरान की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरंसी कंपनी 'नोबिटेक्स' से हैकर्स ने 9 करोड़ डॉलर चुरा लिए। इसे ईरान-इस्राइल तनाव के बीच राजनीतिक संदेश देने के लिए एक साइबर हमला माना जा रहा है। इसमें ‘गोंजेशके दरांडे’ नाम के हैकर ग्रुप का नाम सामने आया है, जिसके इस्राइल से जुड़े होने की आशंका है।

विज्ञापन
Hackers say they wiped out USD 90 million from Iran crypto-currency exchange
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

हैकर्स एक समूह ने गुरुवार को ईरान की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज 'नोबिटेक्स' से 9 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रकम चुरा ली। ब्लॉकचेन का विश्लेषण करने वाली कंपनियों ने यह जानकारी दी। इन हैकर्स के इस्राइल से जुड़े होने की आशंका है। इसकी जिम्मेदारी लेने वाले हैकर्स समूह ने दावा किया कि उसने कंपनी का पूरा सोर्स कोड लीक कर दिया है। हैकर्स समूह ने अपने टेलीग्राफ खाते पर लिखा, नोबिटेक्स में जो भी संपत्तियां थीं, वह अब सार्वजनिक हो चुकी हैं।

विज्ञापन


ब्लॉकचेन का विश्लेषण करने वाली कंपनी 'एलिपटिक' ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, चुराए गए पैसे उन वॉलेट में भेजे गए, जिन पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की आलोचना वाले संदेश लिखे थे। कंपनी ने कहा कि यह हमला शायद पैसा कमाने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक मकसद से किया गया था। हैकर्स ने जिन वॉलेट में पैसा डाला, वे वॉलेट ऐसे थे कि मानो उन्होंने पैसे को नष्ट कर दिया, ताकि नोबिटेक्स को एक राजनीतिक संदेश भेजा जा सके।
विज्ञापन


यें भी पढ़ें: थाईलैंड की पीएम की कंबोडिया के नेता के साथ फोन पर हुई बातचीत लीक, मचा सियासी बवाल; जानें पूरा मामला
विज्ञापन
विज्ञापन


हैकर ग्रुप कौन है?
इस हमले की जिम्मेदारी 'गोंजेशके दरांडे' नाम के ग्रुप ने ली, जिसका फारसी में मतलब होता है- ‘शिकारी गौरैया’। इस ग्रुप ने एक्स पर लिखा कि नोबिटेक्स ने ईरान सरकार की पश्चिमी देशों की पाबंदियों से बचने में मदद की है। साथ ही, वह पैसा उग्रवादियों तक पहुंचाने में भी शामिल है।

नोबिटेक्स ने की घुसपैठ की पुष्टि
नोबिटेक्स ने हमले की पुष्टि की और कहा कि उनकी प्रणाली में अनधिकृत घुसपैठ हुई है। उनकी ऐप और वेबसाइट फिलहाल बंद हैं, क्योंकि वे इसकी जांच कर रहे हैं। चेनएनालिसिस के राष्ट्रीय सुरक्षा खुफिया प्रमुख एंड्रयू फियरमैन ने कहा, इस चोरी में बिटकॉइन, एथेरियम, डॉजकॉइन जैसी कई तरह की क्रिप्टोकरंसी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह साइबर हमला इसलिए भी खास है, क्योंकि ईरान का क्रिप्टोकरंसी बाजार बहुत बड़ा नहीं है। इसलिए, इस स्तर की चोरी वहां के लिए बहुत गंभीर मानी जा रही है।

हैकिंग की वजह ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ता तनाव?
यह साइबर हमला इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव से प्रेरित लगता है। पिछले हफ्ते इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य अधिकारियों पर हमला किया था। इसके जवाब में तेहरान ने मिसाइलों से पलटवार किया। इसी दौरान इस हैकर ग्रुप ने दावा किया कि उसने मंगलवार को ईरान के सरकारी बैंक 'सेपा' पर साइबर हमला कर उसका डाटा नष्ट कर दिया।

यें भी पढ़ें: ईरान में TV प्रसारण हैक कर अशांति-हिंसा भड़काने की साजिश; इस्राइल में नेताओं को मिलीं धमकियां


नोबिटेक्स से किनका संबंध?
एलिपटिक ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के रिश्तेदारों का नोबिटेक्स से संबंध है। इस एक्सचेंज का इस्तेमाल प्रतिबंधित रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कुछ अधिकारी भी करते थे। कंपनी ने यह भी सबूत दिए कि नोबिटेक्स ने उन वॉलेट्स से पैसे का लेन-देन किया था, जो ईरान के सहयोगी संगठनों के नियंत्रण में थे, जैसे कि यमन के हूती विद्रोही और हमास (एक फलस्तीनी संगठन)।

गोंजेशके दरांडे का पुराना रिकॉर्ड
गोंजेशके दरांडे नाम के इस हैकर ग्रुप ने इससे पहले भी ईरान पर कई बड़े साइबर हमलों की जिम्मेदारी ली है। 2021 में उन्होंने एक ऐसा ऑपरेशन किया, जिससे ईरान के पेट्रोल पंप ठप हो गए। 2022 में उन्होंने एक स्टील फैक्ट्ररी पर हमला किया, जिससे वहां भीषण आग लग गई थी।

क्या है इस्राइल से संबंध?
इस्राइली मीडिया में कई खबरों में कहा गया है कि यह ग्रुप इस्राइल से जुड़ा हुआ है। लेकिन इस्राइल की सरकार ने कभी भी आधिकारिक रूप से इसे स्वीकार नहीं किया है। अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन और एंगस किंग ने पिछले साल यह चिंता जताई थी कि ईरान क्रिप्टोकरंसी का उपयोग अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए कर रहा है।

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed