न्यूजीलैंड: मस्जिदों में गोलीबारी के बाद से 9 भारतीय लापता, हमले में 49 लोगों की मौत
- क्राइस्टचर्च शहर की दो मस्जिदों पर हुए हमले में 49 लोगों की मौत
- मस्जिद अल नूर में हमले में 41, लिनवुड मस्जिद हमले में 7 की मौत
- अबतक एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया
- हमलावर की पहचान आस्ट्रेलियाई मूल के ब्रेंटन टैरेंट (28) के रूप में की गई
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विस्तार
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में शुक्रवार को बंदूकधारियों ने दो मस्जिदों पर हमला कर 49 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। 20 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद से 9 भारतीय भी लापता हैं। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
इस वारदात को अंजाम देने वाले एक हमलावर की पहचान ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के रूप में हुई है, जो अति दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित है। इस हमले में बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी बाल-बाल बच गए जो जुमे की नमाज के लिए क्राइस्टचर्च की मस्जिद पहुंचे हुए थे। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है।
पुलिस के मुताबिक, पहला हमला सेंट्रल क्राइस्टचर्च स्थित मस्जिद अल नूर में हुआ और दूसरा हमला लिनवुड मस्जिद में किया गया। पहले हमले में 41 लोगों की मौत हो गई, जबकि दूसरी मस्जिद में 7 सात लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसके अलावा गोलीबारी का शिकार बने एक व्यक्ति की मौत क्राइस्टचर्च अस्पताल में हो गई।
मस्जिद के बाहर गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हुई। दोनों मस्जिदों के बीच की दूरी पांच किलोमीटर है। पुलिस का कहना है कि यह अभी साफ नहीं हो सका है कि इस हमले को कितने लोगों ने अंजाम दिया है। हालांकि, एक हमलावर की पहचान ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के रूप में हुई है।
घटना स्थल से दो आईईडी भी बरामद हुआ है, जिसे मिलिट्री पुलिस ने डिफ्यूज कर दिया। न्यूजीलैंड के पुलिस कमिश्नर माइक बुश ने बताया कि इस मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
अब तक ये नहीं कहा जा सकता कि खतरा खत्म हो गया है। इस घटना के बाद पुलिस ने मुस्लिमों से अपील की है कि वे मस्जिदों में न जाएं और घरों में ही रहें। न्यूजीलैंड सरकार ने क्राइस्टचर्च आने जाने वाली 17 घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया है।
न्यूजीलैंड पुलिस के मुताबिक, हमलावर एक ऑस्ट्रेलियाई युवक ब्रेंटन टैरेंट (28) था। उसने मस्जिद में घुसने से पहले फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में हमलावर को मस्जिद के अंदर घुसकर लोगों पर गोलियां बरसाते देखा गया।
हालांकि, घटना के बाद फेसबुक और ट्विटर ने इस वीडियो को ब्लॉक कर दिया। गोलीबारी के बाद हमलावर ने वापस अपनी कार में बैठकर बंदूक के अटकने और लोगों को आसानी से मारने के बारे में भी बात की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंटन ने खतरनाक मंशा वाला 37 पन्नों के एक मैनिफेस्टो भी लिखा था।
छह भारतीयों के मारे जाने की आशंका
हमले में भारतीय मूल के छह लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त संजीव कोहली ने बताया कि शुरुआती सूचनाओं के मुताबिक, इस घटना में दो भारतीयों और चार भारतीय मूल के लोगों के मारे जाने की आशंका है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ये जानकारी आधिकारिक नहीं है और न्यूजीलैंड की सरकार ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
अल्लाह ने आज हम सभी को बचा लिया
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों पर आतंकी हमले में बांग्लादेश के क्रिकेटर बाल-बाल बच गए। क्राइस्टचर्च की अल नूर मस्जिद में गोलीबारी के दौरान बांग्लादेशी खिलाड़ी जुमे की नमाज के लिए जा रहे थे।
बांग्लादेशी क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं। इस घटना के बाद क्रिकेटर मुशफिकुर रहीम ने ट्विटर पर लिखा, ‘क्राइस्टचर्च की मस्जिद में गोलीबारी के दौरान अल्लाह ने आज हम सभी को बचा लिया।
हम खुशकिस्मत हैं। हम ऐसा कभी दोबारा होते नहीं देखना चाहते हैं। हमारे लिए दुआ कीजिए।’ एक अन्य खिलाड़ी तमीम इकबाल ने फेसबुक पर लिखा, ‘गोलीबारी के दौरान पूरी टीम सुरक्षित बच गई। भयावह अनुभव। कृपया हमें अपनी दुआओं में याद रखें।’
दूसरी ओर, हमले के एक स्थानीय चश्मदीद के मुताबिक, ‘उसने एक बंदूकधारी को किसी के सिर में गोली मारते हुए देखा। दस सेकेंड के बाद हमलावर ने कई गोलियां चलाईं। संभवत: उसके पास आटोमेटिक बंदूक रही होगी।
गोलियां चलने की आवाज सुनकर भगदड़ मच गई और इसके बाद लोग मस्जिद से बाहर निकलने लगे।’ एक अन्य चश्मदीद ने बताया, ‘जब वह नमाज पढ़ रहा था, तभी उसने गोलियां चलने की आवाज सुनी।
बाहर पहुंचा तो फुटपाथ पर मेरी पत्नी पड़ी मिली, उसके सिर में गोली लगी थी और उसकी मौत हो चुकी थी।’ एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि चारों तरफ खून से लथपथ लाशें बिखरी पड़ी थीं। यह बहुत ही भयावह था।
यह न्यूजीलैंड के लिए ‘काला दिन’ है
यह देश के लिए ‘काला दिन’ है। क्राइस्टचर्च इन पीड़ितों का घर था। इनमें से बहुत लोगों ने शायद यहां जन्म न लिया हो। कई लोगों के लिए न्यूजीलैंड उनकी पसंद का देश था।’
-जेसिंडा अर्डर्न, प्रधानमंत्री, न्यूजीलैंड
हमलावरों में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक
हमलावरों में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। वह ‘अति दक्षिणपंथी आतंकवादी’ है। ये घटना हमें बताती है कि बुरे लोग हमेशा हमारे बीच मौजूद होते हैं और वो कभी भी ऐसे हमले कर सकते हैं। -स्कॉट मॉरिसन, प्रधानमंत्री, ऑस्ट्रेलिया