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संयुक्त अरब अमीरात ने ब्रिटिश छात्र पर लगाया जासूसी का आरोप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 17 Oct 2018 09:49 AM IST
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ब्रिटेन ने मंगलवार को कहा कि वह अपने पीएचडी छात्र के लिए बेहद चिंतित हैं, जिसपर संयुक्त अरब अमीरात ने खाड़ी देश में जासूसी करने का आरोप लगाया है। ब्रिटिश नागरिक मैथ्यू हेजिस पर किसी अन्य देश के लिए जासूसी, सेना, राजनीतिक और आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगा है। इस बात की जानकारी सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल हमद अल शमी ने दी। लंदन में फॉरन ऑफिस का कहना है कि 'हम मैथ्यू के लिए चिंतित हैं और उनकी सेहत के बारे में जानने के लिए अमीरात से लगातार संपर्क कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी डेनाइला से भी बात की जा रही है।'
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बता दें 31 साल के मैथ्यू साल 2011 में अरब स्प्रिंग रिवॉल्यूशन के बाद से संयुक्त अरब अमीरात की विदेशी और आंतरिक सुरक्षा नीतियों पर शोध कर रहे थे। उन्हें 5 मई को दुबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। मैथ्यू की पत्नी डेनाइला का कहना है कि उनके पति को अज्ञात स्थान पर एकांत कारावास में रखा गया है। उन्होंने कहा कि मैथ्यू को एकत्रित जानकारी के साथ गिरफ्तार कर आरोप लगाया है कि वह उसे किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा कर रहे थे।
मैथ्यू की पत्नी ने ब्रिटिश सरकार से अपील की है कि वह सार्वजनिक रूप से इस बात को स्पष्ट करें कि मैथ्यू बेगुनाह हैं और उनके बारे में झूठ फैलाया जा रहा है। बहुत लंबे समय से ऐसी भयावह स्थिति चल रही है।
ब्रिटिश फॉरन सेक्रेटरी का कहना है कि वह भी मैथ्यू के लिए चिंतित हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने अमीरात के विदेश मंत्री से इस मुद्दे पर दो बार बात की है। वह हमारी चिंताओं को जानते हैं। हम इसपर बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।'
संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल का कहना है कि मैथ्यू अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए शोधकर्ता होने का नाटक करता थे। उनपर लगे आरोप सही हैं। इसका खुलासा उनके इलेक्ट्रोनिक डिवाइस से मिली जानकारी से हुआ है। मैथ्यू की पत्नी ने उनसे फोन पर बात की और उनसे मिलने भी गईं। उनका कहना है कि वह बेगुनाह हैं। वह केवल अपनी अकेडमिक रिसर्च कर रहे थे। उन्होंने जानकारी किसी को नहीं दी। वह 2015 में ब्रिटेन लौटने से पहले कई सालों तक यूएई में रहे भी हैं।