{"_id":"5be678f6bdec22174b2c3425","slug":"saudi-arab-alliance-yemen-war-pact-with-us-to-fuel-up-the-planes-should-end-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"सऊदी अरब गठबंधन : यमन युद्ध में अमेरिकी मदद से विमानों में ईंधन भराने संबंधी करार खत्म किया जाए","category":{"title":"Gulf Countries","title_hn":"खाड़ी देश","slug":"gulf-countries"}}
सऊदी अरब गठबंधन : यमन युद्ध में अमेरिकी मदद से विमानों में ईंधन भराने संबंधी करार खत्म किया जाए
भाषा
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:51 AM IST
विज्ञापन
सऊदी अरब का विमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमन पर बमबारी करने वाले सऊदी अरब के नेतृत्त्व वाले गठबंधन ने अमेरिका की मदद से विमानों में ईंधन भराने संबंधी करार को खत्म करने लिए कहा है। सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) की तरफ से शनिवार को जारी एक बयान में यह बात कही गयी।
विज्ञापन
यह बयान वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के बाद आया है। वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यमन में सऊदी अरब की कार्रवाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही निंदा के बीच अमेरिका ने इस करार को खत्म करने का फैसला किया है। इसमें खासतौर पर गठबंधन के द्वारा लगातार किए गए उन बड़े हमलों का जिक्र किया गया जिनमें बच्चों सहित कई नागरिकों की मौत हो गई।
विज्ञापन
एसपीए ने कहा, ‘हाल ही में सऊदी शासन और उसके नेतृत्त्व वाले गठबंधन ने यमन में स्वतंत्र रूप से लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने की अपनी क्षमता में वृद्धि की है।’
विज्ञापन
बयान में कहा गया, ‘नतीजतन, अमेरिका के परामर्श से गठबंधन ने यमन में अपने अभियानों के लिए लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने में अमेरिकी सहायता को समाप्त करने का अनुरोध किया है।’
इससे पहले, पेंटागन की प्रवक्ता कमांडर रेबेका रेबरिच ने कहा, ‘सऊदी गठबंधन के साथ चर्चा चल रही है।’ लेकिन उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की।
अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अगस्त में चेतावनी दी थी कि सऊदी गठबंधन के लिए अमेरिकी समर्थन 'बिना शर्त के नहीं है' और यह ध्यान रखना चाहिए कि 'किसी भी निर्दोष व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए मानवीय रूप से संभव सभी प्रयास किए जाने चाहिए।’
अमेरिका यमन में चल रहे युद्ध के लिए विमानों में भरे जाने वाले ईंधन के करीब 20 फीसदी हिस्से की सहायता अपनी ओर से दे रहा था।
गौरतलब है कि यमन में चल रहे युद्ध में अब तक 10,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और यह देश अब भुखमरी के कगार पर खड़ा है।