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इराक: लापता भारतीय की आपबीती, बोला- 39 को मेरे सामने गोलियों से भूना

Sun, 23 Jul 2017 10:43 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Sun, 23 Jul 2017 10:43 AM IST
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only indian who escaped from ISIS clutches, says all 39 are killed by terrorist
- फोटो : File Photo

एक हफ्ते पहले इराक सरकार ने मोसुल पर दोबारा अपना कब्जा घोषित कर दिया। सरकार की ओर से दावा किया गया कि पूरे इलाके से आईएसआईएस के आतंकियों को खदेड़ दिया गया है, लेकिन इन सब के बावजूद लापता 39 भारतीयों का कोई पता नहीं चल रहा है।

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पिछले हफ्ते संसद में लापता भारतीयों के बारे में बताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि सभी भारतीय इराक की जेल में हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक लापता भारतीयों का कुछ पता नहीं चल है। लापता भारतीयों के परिवार को ये खबरें परेशान कर रही है। अब वह अपने परिजनों से मिलना चाहते हैं।
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इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक आईएसआईएस के आतंकियों ने जिन भारतीयों का अगवा किया था, उनमें से बचे हरजीत मसी ने बताया कि आतंकियों ने 11 जून 2014 को सभी 39 भारतीयों का अपहरण किया था। जिसके बाद वह 15 जून को सभी को बदूश के रेगिस्तान में ले गए और मार डाला। 
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हरजीत किसी तरह से मोसुल से भागने में सफल हुए और वह अरबील बॉर्डर पहुंचे, जहां उनकी मुलाताक भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। वहां से लौटने के बाद उन्होंने बेहद ही कठीन जीवन यापन किया। 

'लोग लापता 39 भारतीयों का दोष मुझ पर मढ़ रहे हैं'

only indian who escaped from ISIS clutches, says all 39 are killed by terrorist

उन्होंने कहा कि मैं आशा करता हूं कि वह सभी ठीक हो और मैं गलत साबित हूं। लेकिन मैं सच बोल रहा हूं...मैंने यह सब अपनी आंखों से देखा..मैं झूठ कैसे बोल सकता हूं।

साथ ही उन्होंने कहा कि लोग लापता 39 भारतीयों का दोष मुझ पर मढ़ रहे हैं। मुझे पुलिस ने लेकर गई...मेरी जिंदगी नरक बन गई है। क्या यह मेरी गलती है कि मैं वहां से बच निकला। कभी-कभी मैं सोचता हूं कि मुझे भी वहीं मर जाना चाहिए था। 

हरजीत ने कहा, 'मैंने कितनी बार बताया कि वो लोग हमें कंटेनर जैसे ट्रक में लेकर गए और सब को एक लाइन में खड़ा कर पीछे से गोली मार दी। मैं उस हमले में बच गया, मैंने अपने दोस्तों को बुलाया लेकिन किसी ने जवाब नहीं दी। वहां चारों तरफ केवल लाशें थी।'

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