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सऊदी अरब में 100 अरब डॉलर की हुई हेराफेरी

Fri, 10 Nov 2017 02:58 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Fri, 10 Nov 2017 02:58 PM IST
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around 10 billion dollar scam happened in Saudi Arabia

सउदी अरब के अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि पिछले कुछ दशकों में संगठित भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मार्फत कम से कम 100 अरब डॉलर की हेराफेरी की गई है। शेख सऊद अल-मोजेब ने कहा कि तीन साल तक चली जांच के बाद बीते शनिवार रात से शुरू हुए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत 201 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

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हालांकि उन्होंने इन लोगों के नाम नहीं बताए, लेकिन कथित तौर पर इनमें वरिष्ठ शहजादे, मंत्री और रसूखदार कारोबारी शामिल हैं। शेख मोजेब का कहना है कि 'उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के कई पुख्ता सबूत हैं।'
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उन्होंने ये भी कहा कि इस अभियान से देश में सामान्य 'आर्थिक गतिविधियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा' है और केवल निजी बैंक खातों को सीज किया गया है। शेख सऊद अल मोजेब ने कहा कि 32 साल के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में गठित सर्वोच्च भ्रष्टाचार विरोधी कमेटी की जांच 'बहुत तेजी से आगे बढ़ रही' है।
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पढ़ें: सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द लेबनान छोड़ने का कहा

उन्होंने बताया कि अभी तक 208 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है जिनमें साल लोगों को बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जांच के अगले चरण के लिए कमेटी के पास पर्याप्त कानूनी आधिकार हैं और मंगलवार को इसने संबंधित लोगों के बैंक खातों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोग सऊदी कानूनों के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें, इसलिए उनकी पहचान को अभी जाहिर नहीं किया जाएगा।

शहजादों के खिलाफ कार्रवाई

around 10 billion dollar scam happened in Saudi Arabia

कथित तौर पर हिरासत में लिए गए लोगों में अरबपति निवेशक प्रिंस अलवलीद बिन तलाल, प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्लाह, उनके भाई प्रिंस तुर्की बिन अब्दुल्लाह शामिल हैं। प्रिंस मितेब भूतपूर्व किंग के बेटे हैं और जिन्हें शनिवार को नेशनल गार्ड चीफ के पद से हटा दिया गया था। जबकि उनके भाई रियाद प्रांत के गवर्नर थे।

सऊदी और लेबनान में तनाव
इस बीच सऊदी अरब ने लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत अपने देश लौट आने को कहा है। सरकार ने सऊदी नागरिकों से वहां न जाने की अपील की है। कुवैत और यूएई ने भी अपने नागरिकों से लेबनान छोड़ देने को कहा है।

दोनों देशों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब लेबनान के सऊदी समर्थित प्रधानमंत्री साद हरीरी ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए इस्तीफा दिया था। सऊदी अरब ने ईरान समर्थित लेबनानी चरमपंथी ग्रुप हिज्बुल्ला पर यमन से मिसाइल दागने का आरोप लगाया है।

लेबनानी नागरिकों में डर पैदा हो गया कि उनका देश सुन्नी सऊदी अरब और इसके प्रतिद्वंद्वी शिया ईरान के झगड़े का शिकार हो रहा है। वर्तमान संकट के बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों अचानक सऊदी अरब के दौरे पर जा रहे हैं। माना जा रहा है कि बातचीत के मुद्दों में लेबनान का संकट भी शामिल होगा।

लेबनान के प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब से अपना इस्तीफा भेजा है, इसलिए बहुत लोगों का मानना है कि उन्होंने सऊदी अरब के दबाव में ऐसा किया है। जानकारों का कहना है कि सऊदी अरब और ईरान के बीच रस्साकशी में लेबनान के फंसने का डर पैदा हो गया है।

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