फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Ghana Marburg Virus outbreak declared disease compared to Ebola confirmed WHO news in hindi

Ghana Marburg Virus: घाना में सामने आए मारबर्ग वायरस के दो मामले, इबोला जितने खतरनाक

Mon, 18 Jul 2022 10:40 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एकरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एकरा Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 18 Jul 2022 10:40 PM IST
सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि घाना दूसरा ऐसा पश्चिम अफ्रीकी देश है जहां मारबर्ग वायरस का कोई मामला पाया गया है। इससे पहले पिछले साल सितंबर में गिनी में इस वायरस का एक मामला सामने आया था। 

विज्ञापन
Ghana Marburg Virus outbreak declared disease compared to Ebola confirmed WHO news in hindi
मारबर्ग वायरस - फोटो : iStock

विस्तार

घाना में पहली बार मारबर्ग वायरस संक्रमण के स्थानीय स्तर पर फैलने का मामला सामने आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसकी पुष्टि करते हुए इसे घाना में मारबर्ग वायरस का पहला मामला बताया है। इस बीच घाना स्वास्थ्य सेवा (जीएचएस) के मुताबिक, दोनों मरीजों को अलग-अलग समय पर देश के दक्षिणी इलाके आशांति के एक ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें बचाया नहीं जा सका और डायरिया, बुखार और उल्टी जैसे लक्षणों की वजह से उनकी पहले ही मौत हो चुकी है। दोनों मरीज पुरुष थे। एक मरीज की उम्र 24 साल और एक मरीज की उम्र 51 साल थी। उनके संपर्क में आए 98 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
विज्ञापन


विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि घाना दूसरा ऐसा पश्चिम अफ्रीकी देश है जहां मारबर्ग वायरस का कोई मामला पाया गया है। इससे पहले पिछले साल सितंबर में गिनी में इस वायरस का एक मामला सामने आया था। अफ्रीका के कुछ और देशों में भी इस वायरस से जुड़े केस दर्ज हुए हैं। इन देशों में अंगोला, कॉन्गो, केन्या, दक्षिण अफ्रीका और युगांडा जैसे देश शामिल हैं। इस वायरस का पहला मामला 1967 में सामने आया था।
विज्ञापन


इबोला जैसा खतरनाक है वायरस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारबर्ग वायरस कुछ समय पहले अफ्रीका में तबाही मचाने वाले इबोला वायरस जितना ही खतरनाक है। इससे बुखार के दौरान शरीर से खून निकलने लगता है। ये वायरस भी जानवरों से इंसानों में आया है। फिलहाल मारबर्ग के इलाज के लिए कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोनावायरस की तरह ये वायरस भी चमगादड़ से फैला है। वायरस पहले शरीर की तरल कोशिकाओं में पहुंचता है और फिर पूरी त्वचा को अपनी चपेट में लेता है। इस वायरस की वजह से खून निकलने, बुखार और ऐसे दूसरे लक्षण नजर आते हैं। ये लक्षण बिल्कुल इबोला से मिलते-जुलते हैं। इबोला में भी मरीज को बहुत तेज बुखार, बेचैनी और सिरदर्द होता था। कई मरीजों में सात दिनों के अंदर खून बहने के लक्षण भी देखे गए थे। इबोला में भी मृत्यु दर 24 फीसदी से बढ़कर 88 फीसदी पर पहुंच गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed