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Germany Train Derail: जंगल के बीच पटरी से उतरी ट्रेन, तीन की मौत और 50 से ज्यादा घायल; भूस्खलन की आशंका
Mon, 28 Jul 2025 08:29 AM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Mon, 28 Jul 2025 08:29 AM IST
सार
जर्मनी के सिगमारिंगन से उल्म जा रही एक यात्री ट्रेन रविवार को जंगलों में पटरी से उतर गई। हादसे में तीन लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल हुए। ट्रेन में करीब 100 यात्री सवार थे। प्राथमिक जांच में भूस्खलन को कारण माना गया है। दो डिब्बे पूरी तरह पलट गए। बचाव कार्य जारी है और जांच शुरू हो गई है।
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जर्मनी में पटरी से उतरी रेल
- फोटो : ANI/Reuters
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विस्तार
जर्मनी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में रविवार को एक बड़ा रेल हादसा हुआ। सिगमारिंगन से उल्म जा रही एक पैसेंजर ट्रेन जंगल के बीच से गुजरते समय पटरी से उतर गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों यात्री घायल हो गए। ट्रेन में करीब 100 लोग सवार थे। जर्मनी देश के समय अनुसार हादसा शाम करीब 6:10 बजे रिडलिंगन शहर के पास हुआ।
जर्मन रेल ऑपरेटर डॉयचे बान ने पुष्टि की कि ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के कारणों की फिलहाल पुष्टि नहीं हो सकी है। ऑपरेटर का कहना है कि घटनास्थल पर जांच चल रही है और आसपास के 40 किलोमीटर इलाके में ट्रैफिक रोक दिया गया है।
खराब मौसम या भूस्खलन
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जर्मनी के कई हिस्सों में भारी बारिश और तूफान के चलते लैंडस्लाइड की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, दक्षिणी जर्मनी में इन दिनों मौसम बेहद खराब बना हुआ है।
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घायलों की संख्या 50 के पार
घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय टीवी चैनल एसडब्ल्यूआर के अनुसार, कई घायलों को हेलिकॉप्टर के जरिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। कई घायल लोगों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है।
ये भी पढ़ें- 'हमें दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं', उत्तर कोरियाई नेता की बहन का बड़ा बयान
सिस्टम पर फिर उठे सवाल
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि वे परिवहन और गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं और बचाव कार्य के लिए हर संभव मदद दी जा रही है। साथ ही, इस हादसे ने एक बार फिर जर्मनी के रेलवे सिस्टम की खस्ता हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़ें- सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच मलयेशिया में होगी शांति वार्ता, दोनों देशों के PM पर नजरें
पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
यह पहली बार नहीं है जब जर्मनी में इस तरह का हादसा हुआ है। जून 2022 में भी एक ट्रेन बवेरियन एल्प्स के पास पटरी से उतर गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी। वहीं, साल 1998 में लोअर सेक्सोनी के एशेडे में हाई-स्पीड ट्रेन के पटरी से उतरने से 101 लोगों की जान गई थी।
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जर्मन रेल ऑपरेटर डॉयचे बान ने पुष्टि की कि ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के कारणों की फिलहाल पुष्टि नहीं हो सकी है। ऑपरेटर का कहना है कि घटनास्थल पर जांच चल रही है और आसपास के 40 किलोमीटर इलाके में ट्रैफिक रोक दिया गया है।
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खराब मौसम या भूस्खलन
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जर्मनी के कई हिस्सों में भारी बारिश और तूफान के चलते लैंडस्लाइड की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, दक्षिणी जर्मनी में इन दिनों मौसम बेहद खराब बना हुआ है।
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घायलों की संख्या 50 के पार
घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय टीवी चैनल एसडब्ल्यूआर के अनुसार, कई घायलों को हेलिकॉप्टर के जरिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। कई घायल लोगों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है।
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सिस्टम पर फिर उठे सवाल
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि वे परिवहन और गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं और बचाव कार्य के लिए हर संभव मदद दी जा रही है। साथ ही, इस हादसे ने एक बार फिर जर्मनी के रेलवे सिस्टम की खस्ता हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
यह पहली बार नहीं है जब जर्मनी में इस तरह का हादसा हुआ है। जून 2022 में भी एक ट्रेन बवेरियन एल्प्स के पास पटरी से उतर गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी। वहीं, साल 1998 में लोअर सेक्सोनी के एशेडे में हाई-स्पीड ट्रेन के पटरी से उतरने से 101 लोगों की जान गई थी।