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पीएम मोदी का यूरोप दौरा: भारत और जर्मनी के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर, स्वच्छ ऊर्जा पर 2030 तक 10.5 अरब डॉलर की मिलेगी मदद
Mon, 02 May 2022 10:04 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 02 May 2022 10:04 PM IST
सार
अपने उद्घाटन भाषण में दोनों नेताओं ने सत्र के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख पहलुओं के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
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PM Modi in Germany
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और जर्मनी के बीच साझेदारी एक जटिल दुनिया में सफलता का उदाहरण बन सकती है। इस बीच दोनों देशों ने सतत विकास पर केंद्रित कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत को 2030 तक 10.5 अरब डॉलर की सहायता मिलेगी।
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अंतर-सरकारी परामर्श की बैठक
पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्ज के साथ अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) के छठे पूर्ण सत्र की सह-अध्यक्षता की। उन्होंने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान में जर्मनी को भी भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अपने उद्घाटन भाषण में दोनों नेताओं ने सत्र के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख पहलुओं के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
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इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और जर्मनी के बीच साझेदारी एक जटिल दुनिया में सफलता का उदाहरण बन सकती है। दोनों पक्षों के भाग लेने वाले मंत्रियों और अधिकारियों ने आईजीसी के विभिन्न पहलुओं संबंधी अपनी बैठकों पर संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें विदेशी, सुरक्षा, आर्थिक, वित्तीय नीति, वैज्ञानिक और सामाजिक विनिमय, जलवायु, पर्यावरण, सतत विकास और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
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पीएम ने कहा, भारत-जर्मनी साझेदारी की शुरुआत
पीएम मोदी ने कहा कि आज हम हरित और सतत विकास पर इंडो-जर्मनी साझेदारी की शुरुआत कर रहे हैं। जर्मनी ने 2030 तक 10 अरब यूरो की अतिरिक्त विकास सहायता से भारत की हरित विकास योजना का समर्थन करने का निर्णय लिया है। हमने हरित हाइड्रोजन टास्क फोर्स की स्थापना की घोषणा की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अनुराग जैन ने भारत की ओर से प्रस्तुतियां दीं। पूर्ण सत्र का समापन प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर शॉल्ज द्वारा हरित और सतत विकास साझेदारी की स्थापना के संयुक्त घोषणा पत्र (जेडीआई) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ।
विदेश मंत्रालय ने विज्ञप्ति में कहा कि यह साझेदारी सतत विकास लक्ष्यों और जलवायु कार्रवाई पर भारत-जर्मनी सहयोग के लिए एक संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण की परिकल्पना करती है, जिसके तहत जर्मनी 2030 तक 10 अरब यूरो (10.5 अरब डॉलर) की नई और अतिरिक्त विकास सहायता की अग्रिम प्रतिबद्धता के लिए सहमत हो गया है।