फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Germany court denies ariha shah custody to her parents parents appeal to pm modi indian government

Germany: भारतीय बच्चे की कस्टडी माता-पिता को ही सौंपने से इनकार, जर्मनी की कोर्ट का फैसला, जानें क्या है मामला

Sun, 18 Jun 2023 09:02 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 18 Jun 2023 09:02 AM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि उनका ये मानना है कि माता-पिता ने जानबूझकर बच्ची को चोट पहुंचाई और वह चोट लगने की वजह का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। 

विज्ञापन
Germany court denies ariha shah custody to her parents parents appeal to pm modi indian government
अपने माता-पिता के साथ अरिहा शाह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बर्लिन की एक कोर्ट ने 27 महीने की भारतीय बच्ची अरिहा शाह की कस्टडी उसके माता-पिता को देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने बच्ची को जर्मनी यूथ वेलफेयर ऑफिस की देखरेख में बच्ची को रखने का निर्देश दिया है। बता दें कि सितंबर 2021 से अरिहा जर्मनी की सरकार की कस्टडी में है। शुक्रवार को जर्मन कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की थी। इस दौरान अरिहा के माता-पिता ने दलील दी कि बच्ची को दुर्घटनावश चोट लगी लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को मानने से इनकार कर दिया। 
विज्ञापन


कोर्ट ने कही ये बात
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए कोर्ट ने उसकी कस्टडी उसके माता-पिता को देने की बजाय जर्मनी यूथ वेलफेयर ऑफिस को दी। कोर्ट ने कहा कि उनका ये मानना है कि माता-पिता ने जानबूझकर बच्ची को चोट पहुंचाई और वह चोट लगने की वजह का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। 
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि अरिहा को अप्रैल 2021 में सिर और कमर पर चोट लगी थी। वहीं सितंबर 2021 में बच्ची के निजी अंगों में भी चोट लगी थी। परिजनों ने दावा किया कि बच्ची को नहलाने के दौरान यह चोट लगीं लेकिन कोर्ट ने इसे मानने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Germany: नेउशवांस्टीन महल के पास दो महिला पर्यटकों पर हमला; दुष्कर्म की कोशिश के बाद खाई में धकेला, एक की मौत

भारत सरकार भी कर रही मदद
अरिहा को वापस उसके माता-पिता के पास लाने में भारत सरकार भी मदद कर रही है। 2 जून को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बयान जारी कर कहा था कि बच्ची को जर्मन फोस्टर केयर में रखना उसके सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई अधिकार का उल्लंघन है। भारत सरकार और उसके माता-पिता इस बात से बेहद चिंतित हैं। भारत की 19 राजनीतिक पार्टियों के 59 सांसद भी भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन को पत्र लिखकर अरिहा की कस्टडी उसके भारतीय माता-पिता को देने की अपील कर चुके हैं। 


वहीं अदालत के फैसले के बाद अरिहा के माता-पिता ने भारत सरकार में विश्वास जताते हुए कहा कि पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर उनकी बच्ची को वापस भारत लाएंगे। उन्होंने कहा कि आज से उन्होंने अरिहा को 140 करोड़ भारतीयों को सौंप दिया है।

क्या है ये पूरा मामला
अरिहा के पिता भावेश शाह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजिनियर हैं और अपनी पत्नी धारा के साथ जर्मनी में रहते हैं। अरिहा जब सात माह की थी तो उसे खेलते हुए चोट लग गई, जिसके बाद उसके माता-पिता उसे अस्पताल लेकर गए। अस्पताल के डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि बच्ची का यौन शोषण हुआ है, जिसके बाद जर्मन अधिकारियों ने बच्ची को अपनी कस्टडी में ले लिया। इसके बाद से ही अरिहा जर्मन सरकार की कस्टडी में है और उसके माता-पिता उसकी कस्टडी वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed