फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Germany and Kurdish archaeologists found the roots of the oldest Mithi empire

सूखी नदी में मिला साढ़े तीन हजार साल पुराना साम्राज्य

Mon, 01 Jul 2019 07:46 AM IST
Nilesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Nilesh Kumar Updated Mon, 01 Jul 2019 07:46 AM IST
सार

  • जर्मनी और कुर्दिश पुरातत्व विज्ञानियों को मिलीं प्राचीनतम मितानी साम्राज्य की जड़ें
  • 3,400 साल पुराना है टिगरिस नदी के टापू में खोजा गया पुराना महल
  • जांच दल को बरामद हुए 10 क्यूनिफोर्म क्ले टैबलेट्स महल के अंदर से

विज्ञापन
Germany and Kurdish archaeologists found the roots of the oldest Mithi empire
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

आईएस के कब्जे में रहा इराक के मोसुल शहर की जिस नदी के किनारे कई अमेरिकियों के सिर कलम किए गए थे वही नदी इन दिनों सूखे की चपेट में है। मोसुल बांध का जल स्तर भी काफी बुरी हद तक घट गया है। इस कारण नदी के बीच बने टापू पर पुरातत्वविदों ने करीब साढ़े तीन हजार साल पुराने मितानी साम्राज्य की जड़ें खोज निकाली हैं। इस साम्राज्य का सीरिया और मेसोपोटामिया क्षेत्र में प्रभुत्व रह चुका  है।
विज्ञापन


इराक में टिगरिस नदी पर बना मोसुल बांध देश का सबसे बड़ा बांध है जिसे सद्दाम बांध भी कहा जाता है। यह इन दिनों भीषण सूखे की चपेट में है और जल स्तर कम होने के कारण जर्मन और कुर्दिश पुरातत्व विज्ञानियों की टीम को यहां 3,400 साल पुराना एक महल मिला है। जर्मनी की ट्यूबिंगन यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि इस महल का संबंध रहस्यमयी मितानी साम्राज्य से है।
विज्ञापन


यह एक ऐसी सभ्यता रही है जिसके बारे में प्राचीन इतिहास में सबसे कम शोध हुए हैं। यहां तक कि अब तक मितानी साम्राज्य की राजधानी तक की पहचान नहीं हो पाई है। अब यहां एक महल की खोज से वैज्ञानिकों को प्राचीन मितानी सम्राज्य की व्यवस्था को समझने में काफी मदद मिल सकती है। दुहक पुरातन निदेशालय के कुर्दिश पुरातत्व विज्ञानी हसन अहमद कासिम ने इसे हाल के दशकों में हुई एक अहम पुरातात्विक खोज बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह शुरू हुआ खोज अभियान

पिछले साल पुरातत्वविज्ञानियों ने टिगरिस नदी के किनारों पर कुछ खंडहरों के अवशेष मिलने के बाद आपातकालीन बचाव ऑपरेशन शुरू किया था। खोजों से पता चला कि खंडहरों के अवशेष मितानी सम्राज्य की सिर्फ छोटी-मोटी निशानियां भर थे। पानी के बढ़ते जलस्तर के कारण टीम पूरी तरह शोध शुरू भी नहीं कर पाई और खंडहरों के अवशेष जलमग्न हो गए। इन्हें नदी सूखने पर खोजा जा सका है।


महल से कई चीजें बरामद हुईं

जांच दल को 10 क्यूनिफोर्म क्ले टैबलेट्स महल के अंदर से बरामद हुए हैं। यह लिखने की एक प्राचीन शैली है जो सुमेरियन सभ्यता के वक्त चलन में थी। पुरातत्व वैज्ञानिकों को लाल और नीले चमकीले रंगों वाली दीवारों के अवशेष भी मिले हैं। अब जर्मन टीम क्यूनीफोर्म टैबलेट को समझने में जुटी है ताकि मितानी सम्राज्य के बारे में और जानकारी मिल पाए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed