{"_id":"661827f54d37470fa309f7ed","slug":"gaza-war-israel-hamas-hostage-19-year-girl-naama-levy-mother-ayelet-levy-shachar-in-pain-2024-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gaza War: 19 वर्षीय नामा लेवी की मां का दर्द छलका; बर्बर आतंकियों के कब्जे से मुक्ति की आस बरकरार; कही यह बात","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Gaza War: 19 वर्षीय नामा लेवी की मां का दर्द छलका; बर्बर आतंकियों के कब्जे से मुक्ति की आस बरकरार; कही यह बात
Thu, 11 Apr 2024 11:42 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 11 Apr 2024 11:42 PM IST
सार
इस्राइल और हमास का युद्ध बीते छह महीने से अधिक समय से जारी है। इस्राइल पर दबाव बनाने के लिए हमास के हथियारबंद दहशतगर्दों ने सैकड़ों मासूमों को बंधक भी बनाया। 19 साल की किशोरी नामा लेवी भी पिछले साल सात अक्तूबर को हुई हमास की नृशंस वारदात का शिकार बनी।
विज्ञापन
हमास के कब्जे में नामा लेवी (इनसेट में) और उनकी मां ()
- फोटो : ani-अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम एशिया में बीते छह महीने से अधिक समय से हिंसक संघर्ष जारी है। 7 अक्तूबर, 2023 को हमास के आतंकियों ने इस्राइल पर ताबड़तोड़ हमले किए। हमले में हजारों लोगों की नृशंस हत्या हुई। हमले के दौरान हमास ने सैकड़ों लोगों का अपहरण भी किया। इन अपहृतों में एक 10 साल की किशोरी नामा लेवी भी शामिल है। नाम की मां आयलेट लेवी शचर ने बताया, 'मेरी बेटी 19 साल की है, उसे 7 अक्तूबर को गाजा पट्टी के पास दक्षिणी इस्राइल में हुए आतंकवादी हमले के दौरान अगवा कर लिया गया था।
विज्ञापन
युद्धग्रस्त इलाकों में संवेदनशील और चिंताजनक हालात के बीच इस्राइल में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने हमलों के बीच उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली में भारतीय दूतावास और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस्राइल में कार्बनिक रसायन विज्ञान में पीएचडी के छात्र राहुल ने आतंकवादी हमलों के जवाब में इस्राइल द्वारा हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा के बाद के हालात के बारे में बताया। साथ ही कैसे दूतावास ने उनकी मदद की यह भी बताया।
जब जंग शुरू हुई तो...
राहुल ने कहा, 'जब युद्ध शुरू हुआ, तो यह बहुत चौंकाने वाला था। उस दिन चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। बाद में चीजें स्पष्ट हो गई हैं। दूतावास ने घर वापस आने वाली उड़ान के बारे में हमसे संपर्क किया। उन्होंने हमें उन सभी को वापस भेजने का आश्वासन दिया जो घर जाना चाहते थे।'
राहुल ने कहा कि भारतीय दूतावास ने तेजी से लोगों को निकालने का प्रबंध किया और सुनिश्चित किया कि सभी छात्र दो से तीन दिनों के भीतर अपने घर लौट सकें। उन्होंने कहा कि आखिरकार हमें दो से तीन दिनों के अंदर वापस बुला लिया गया। उन सभी लोगों की तरह जो घर जाना चाहते थे, हमने ईमेल के माध्यम से अपनी इच्छा जताई थी। फिर उन्होंने हमें तीन दिनों के अंदर घर वापस बुला लिया।' उन्होंने अधिकारियों की तरफ से मिले स्पष्ट मार्गदर्शन की भी सराहना की।
विज्ञापन
नामा लेवी की मां ने बताया, 'हमने हमले की अगली सुबह नामा के अपहरण का वीडियो देखा। हम जानते हैं कि वह हमास के कब्जे में है। घायल है, लेकिन अभी भी जीवित है।' मां आयलेट लेवी शचर के मुताबिक हमले के 6 महीने बीत चुके हैं। जबसे उनकी बेटी हमास के आतंकियों के कब्जे में है। शचर के इस बयान से पहले गुरुवार देर रात आई एक रिपोर्ट में एक इस्राइली शोधकर्ता ने चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने कहा, हिज्बुल्ला उत्तरी इस्राइल के गैलिली क्षेत्र पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है।#WATCH | Tel Aviv, Israel: Ayelet Levy Shachar, mother of Naama Levy who was kidnapped by Hamas terrorists on 7th October, says "My daughter is 19 years old, she was kidnapped on October 7th during the terror attack in the South of Israel near the Gaza strip. We saw the video of… pic.twitter.com/oqZQKCFTnP
— ANI (@ANI) April 11, 2024विज्ञापन
विज्ञापन
युद्धग्रस्त इलाकों में संवेदनशील और चिंताजनक हालात के बीच इस्राइल में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने हमलों के बीच उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली में भारतीय दूतावास और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस्राइल में कार्बनिक रसायन विज्ञान में पीएचडी के छात्र राहुल ने आतंकवादी हमलों के जवाब में इस्राइल द्वारा हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा के बाद के हालात के बारे में बताया। साथ ही कैसे दूतावास ने उनकी मदद की यह भी बताया।
जब जंग शुरू हुई तो...
राहुल ने कहा, 'जब युद्ध शुरू हुआ, तो यह बहुत चौंकाने वाला था। उस दिन चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। बाद में चीजें स्पष्ट हो गई हैं। दूतावास ने घर वापस आने वाली उड़ान के बारे में हमसे संपर्क किया। उन्होंने हमें उन सभी को वापस भेजने का आश्वासन दिया जो घर जाना चाहते थे।'
अधिकारियों से मिला स्पष्ट मार्गदर्शन#WATCH | Haifa, Israel: Rahul, an Indian student studying in Israel says, "There was confusion on that day and later things became clear. The embassy contacted us regarding the flight back. They said they would take us back if we wanted to go home, which they did in the next 2-3… pic.twitter.com/bZIZXHwNGL
— ANI (@ANI) April 10, 2024
राहुल ने कहा कि भारतीय दूतावास ने तेजी से लोगों को निकालने का प्रबंध किया और सुनिश्चित किया कि सभी छात्र दो से तीन दिनों के भीतर अपने घर लौट सकें। उन्होंने कहा कि आखिरकार हमें दो से तीन दिनों के अंदर वापस बुला लिया गया। उन सभी लोगों की तरह जो घर जाना चाहते थे, हमने ईमेल के माध्यम से अपनी इच्छा जताई थी। फिर उन्होंने हमें तीन दिनों के अंदर घर वापस बुला लिया।' उन्होंने अधिकारियों की तरफ से मिले स्पष्ट मार्गदर्शन की भी सराहना की।