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Gaza Attack: गाजा की एकमात्र कैथोलिक चर्च पर एयरस्ट्राइक, पादरी भी हुए घायल; इस्राइल का हाथ होने की आशंका

Thu, 17 Jul 2025 03:35 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजा पट्टी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजा पट्टी Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 17 Jul 2025 03:35 PM IST
सार

गाजा के एकमात्र कैथोलिक चर्च ‘होली फैमिली’ पर हुए हमले में पादरी गैब्रियल रोमानेली समेत कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इजरायली टैंक से किया गया। पोप फ्रांसिस से जुड़े रहे रोमानेली इस चर्च में शरण ले रहे लोगों की देखभाल कर रहे थे। इस्राइल और हमास के बीच जारी युद्ध में अब तक 58,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है।
 

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Gaza Airstrike on Catholic Church priest also injured israel involved
गाजा पर हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

विस्तार

गाजा पट्टी में जारी युद्ध की विनाशकारी तस्वीरें एक बार फिर सामने आई हैं। इस बार हमला हुआ है गाजा के एकमात्र कैथोलिक चर्च ‘होली फैमिली चर्च’ पर, जहां गुरुवार सुबह की गई एयरस्ट्राइक में कई लोग घायल हो गए। घायलों में चर्च के पेरिश पादरी फादर गैब्रियल रोमानेली भी शामिल हैं, जो पोप फ्रांसिस के करीबी माने जाते थे और युद्ध के दौरान उनसे नियमित बातचीत करते थे।
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चर्च के अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला संभवतः एक टैंक शेलिंग के जरिए हुआ। हमले में चर्च की इमारत को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। फिलहाल इस पर इस्राइली सेना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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पोप के करीबी थे घायल पादरी फादर रोमानेली
फादर गैब्रियल रोमानेली का नाम उन लोगों में आता है जो गाजा में शांति की आवाज बने रहे। उनकी पोप फ्रांसिस से नजदीकी ऐसी थी कि पोप ने युद्ध के दौरान अंतिम 18 महीनों में कई बार गाजा स्थित इसी चर्च में कॉल कर लोगों की स्थिति की जानकारी ली थी। फादर रोमानेली उन कॉल्स का अहम हिस्सा रहे हैं। गाजा में रहने वाले कई नागरिक इस चर्च में शरण लिए हुए थे, क्योंकि यह जगह अभी तक अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जा रही थी। इस हमले ने अब वहां छिपे हुए लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
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चर्च पर हमला धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर उठाता सवाल
होली फैमिली चर्च गाजा का एकमात्र कैथोलिक चर्च है। इस पर हुआ हमला यह दर्शाता है कि अब धार्मिक स्थल भी युद्ध की चपेट से बाहर नहीं हैं। यहां पहले महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शरण लिए हुए थे। चर्च पर हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत गंभीर चिंता का विषय बनता है। इस हमले के बाद मानवाधिकार संगठनों और धार्मिक संस्थानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

7 अक्टूबर के बाद से जारी युद्ध में भयानक तबाही
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को उस समय शुरू हुआ था जब हमास के आतंकियों ने इस्राइल पर अचानक हमला कर दिया था। उस दिन करीब 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। इनमें से ज्यादातर नागरिक थे। बाद में कई बंधक युद्धविराम या समझौते के तहत रिहा कर दिए गए, लेकिन अभी भी 50 लोग बंधक हैं, जिनमें से आधे से भी कम के जीवित होने की संभावना है। इस हमले के बाद इस्राइल की ओर से चलाए जा रहे जवाबी सैन्य अभियान में अब तक गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 58,000 से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है।


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महिलाएं और बच्चे सबसे बड़ी संख्या में मारे गए
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या आधे से ज्यादा है। हालांकि यह मंत्रालय हमास के नियंत्रण वाली सरकार का हिस्सा है, लेकिन इसमें कार्यरत अधिकतर लोग मेडिकल पेशेवर हैं और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसके आंकड़ों को विश्वसनीय मानती हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि युद्ध में आम नागरिकों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है और राहत या बचाव की कोई स्थायी व्यवस्था फिलहाल नजर नहीं आ रही है।

अब भी कोई जवाब नहीं इस्राइल की सेना की ओर से
गुरुवार को हुए इस हमले के बाद अभी तक इस्राइल की सेना ने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला इरादतन किया गया था या गलती से। लेकिन चर्च के अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इसे एक सीधा हमला मान रहे हैं। इस हमले से गाजा के लोगों में भय और असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ेगा कि वह इस युद्ध को रोकने और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए ठोस पहल करे।


 
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