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Gandhi Jayanti: चीन में दो साल बाद मनी गांधी जयंती, मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने अहिंसा का संदेश फैलाने का अवसर कहा
Sun, 02 Oct 2022 08:03 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 02 Oct 2022 08:03 PM IST
सार
बीजिंग के चाओयांग पार्क में साल 2005 में प्रख्यात मूर्तिकार युआन जिकुन ने झील के किनारे महात्मा गांधी की मूर्ति को गढ़ा था। तब से हर साल इस पार्क में गांधी जयंती मनाई जाती है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
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राजदूत प्रदीप रावत और अन्य राजनयिक
- फोटो : Twitter/ India In China
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विस्तार
कोरोना महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद चीन में गांधी जयंती मनाई गई। यहां विशाल चाओयांग पार्क में चीनी स्कूली बच्चों ने महात्मा गांधी के विचारों का पाठ किया और प्रवासी भारतीयों ने उनके भजन गाए।
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बीजिंग के चाओयांग पार्क में साल 2005 में प्रख्यात मूर्तिकार युआन जिकुन ने झील के किनारे महात्मा गांधी की मूर्ति को गढ़ा था। तब से हर साल इस पार्क में गांधी जयंती मनाई जाती है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
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मूर्तिकार युआन ने महात्मा गांधी के अलावा चीनी और विश्व नेताओं की मूर्तियों को भी तराशने का काम किया है। वह चीन सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसीसी) और चाओयांग पार्क स्थित जिन ताइ आर्ट म्यूजियम के साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं।
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युआन ने हाथ में किताब की अनूठी मुद्रा के साथ महात्मा गांधी की में प्रतिमा को तराशा है। बीजिंग में पहली बार आधिकारिक तौर पर गांधी की प्रतिमा की स्थापना को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि उन्हें आजादी के आंदोलन में माओत्से तुंग के समकालीन माना जाता है। माओ जहां हिंसक तरीके आंदोलनों के मजबूत समर्थक रहे, वहीं इसके विपरीत गांधी के अहिंसक आंदोलन ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
गांधी की प्रतिमा की स्थापना के बाद से हर साल 2 अक्टूबर को चीनी स्कूली बच्चों का एक समूह सत्य और अहिंसा को लेकर लेकर उनके विचारों का पाठ करता है।
गांधी के मूल्यों पर खरा नहीं उतर रही दुनिया : संयुक्त राष्ट्र प्रमुख
गांधी जयंती अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यह दुखद है कि दुनिया महात्मा गांधी के मूल्यों पर खरी नहीं उतर रही है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने देशों से गरीबी, जातिवाद और नफरत भरे भाषणों की चुनौतियों को हराने की आह्वान किया। गुटेरेस ने कहा कि देशों को मूल्यों और सीमाओं के पार काम करना चाहिए ताकि सभी के लिए शांति भविष्य का निर्माण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि गांधी का जीवन एक शांतिपूर्ण और सहिष्णु दुनिया के लिए रास्ता दिखाता है। आइए इस पथ पर एकजुट होकर हम साथ चलें। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस न सिर्फ महात्मा गांधी के जन्मदिन के लिए है बल्कि यह शांति, आपसी सम्मान और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा के मूल्यों के लिए भी है। अफसोस की बात है कि हमारी दुनिया उन मूल्यों पर खरी नहीं उतर रही है। हम इसे बढ़ते संघर्षों, अराजकता, गरीबी, भुखमरी, असमानता, पूर्वाग्रह, जातिवाद और अभद्र भाषा के रूप में देखते हैं।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने भी दी श्रद्धांजलि
महात्मा गांधी की 153वीं जयंती पर सऊदी अरब स्थित मुस्लिम वर्ल्ड लीन ने भी श्रद्धांजलि दी है। मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने गांधी के अहिंसा के दर्शन की प्रशंसा करते हुए पहली श्रद्धांजलि दी और कहा कि यह दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंहिसा के संदेश को फैलाने का एक अवसर होना चाहिए।