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गैलेरी टेस्ट: दुनिया की सबसे तेज और आसान खून की जांच, सालाना बच सकती हैं 37 लाख लोगों की जान
Tue, 14 Sep 2021 07:20 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला रिसर्च टीम, लंदन।
अमर उजाला रिसर्च टीम, लंदन।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 14 Sep 2021 07:20 AM IST
सार
हैल्थकेयर कंपनी ग्रेल द्वारा मुहैया कराया गया यह ‘गैलेरी टेस्ट’ रक्त में कैंसर के शुरुआती संकेतों की जांच करता है। ट्रायल के लिए ब्रिटेन के आठ इलाकों से 1.40 लाख वॉलेंटियर भर्ती करने की योजना है, ताकि व्यापक इस्तेमाल से इसकी क्षमता का बेहतर ढंग से पता लगाया जा सके।
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प्रतीकात्मकत तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ब्रिटेन में कैंसर के लक्षण उभरने से पहले ही उसका पता लगाने की क्रांतिकारी शुरुआत हो गई है। देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने दुनिया की सबसे तेज व आसान रक्त जांच के परीक्षण का आगाज कर दिया, जिससे शरीर में 50 तरह के कैंसर को ढूंढा जा सकता है। टेस्ट सफल रहा तो कैंसर के खिलाफ लड़ाई में काफी मददगार साबित होगा। अनुमान के मुताबिक, इस जानलेवा बीमारी का समय पर पता लगाकर इलाज शुरू हो जाए तो दुनिया में सालाना 37 लाख जानें बचाई जा सकती हैं।
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हैल्थकेयर कंपनी ग्रेल द्वारा मुहैया कराया गया यह ‘गैलेरी टेस्ट’ रक्त में कैंसर के शुरुआती संकेतों की जांच करता है। ट्रायल के लिए ब्रिटेन के आठ इलाकों से 1.40 लाख वॉलेंटियर भर्ती करने की योजना है, ताकि व्यापक इस्तेमाल से इसकी क्षमता का बेहतर ढंग से पता लगाया जा सके। ग्रेल यूरोप के भारतीय मूल के अध्यक्ष सर हरपाल कुमार का कहना है, गैलेरी टेस्ट न सिर्फ कैंसर ढूंढ सकता है बल्कि शरीर के किस अंग में यह बीमारी फैल रही है, इसकी भी उच्च सटीकता से जानकारी देने में सक्षम है।
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मुश्किल कैंसर ढूंढने में भी सक्षम
शोध से पता चला है कि गैलेरी टेस्ट शुरुआती स्तर पर मुश्किल से पकड़ में आने वाले सिर, गर्दन, आंत, फेफड़ा, अग्नाशय व गले के कैंसरों को ढूंढने में प्रभावी है। यह जांच कोशिका मुक्त डीएनए के आनुवांशिक कोड के टुकड़ों में रासायनिक बदलावों को पकड़ती है, जो संबंधित ट्यूमर द्वारा रक्त प्रवाह में लीक हो जाते हैं।
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तीन चौथाई कैंसरों का समय पर चलेगा पता...ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने कहा, इस टेस्ट से बीमारी का समय पर ही पता लगने से काफी जानें बच सकती हैं। वहीं, एनएचएस की कार्यकारी अधिकारी अमांडा प्रिचार्ड ने कहा, यह जांच कैंसर का पता लगाने और उसके जल्दी उपचार की दिशा में दुनियाभर में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। टेस्ट सफल रहा तो संकेत व लक्षण उभरने से पहले ही तीन चौथाई कैंसरों का पता लग सकेगा।
2023 तक आएंगे परिणाम...इस पर हो रहे अध्ययन के शुरुआती परिणाम 2023 तक आने की उम्मीद है। अगर यह कामयाब रहा तो एनएचएस की ब्रिटेन में 2024 और 2025 में दस लाख लोगों पर शोध की योजना है। संस्था विभिन्न नस्ल और पृष्ठभूमि वाले 50 से 70 साल के लाखों लोगों को जांच में शामिल होने के लिए पहले ही आमंत्रित कर चुकी है।